उन्नाव जिला महिला अस्पताल में एचआईवी पीड़ित महिला ने नार्मल डिलीवरी के जरिए बेटे को जन्म दिया। महिला का छह माह से आईसीटी(एकीकृत परीक्षण व परामर्श केंद्र) सेंटर पर उपचार चल रहा था। महिला का प्रसव कराने वाली चिकित्सक के अनुसार जच्चा व बच्चा की हालत सामान्य है। सुरक्षा के तहत प्रसव कक्ष में सामान्य टेबल व मेडिकल उपकरणों को हटा दिया गया था। प्रसव के लिए प्रयोग की गई टेबल को बाद में हटा दिया गया।
चिकित्सकों ने महिला की काउंसलिंग की और 19 मई को उसे अस्पताल में भर्ती किया। मंगलवार शाम उसे प्रसव कक्ष ले जाया गया। जहां डॉ. रमापति ने सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया। प्रसव कराने से पहले चिकित्सकों की टीम को सेफ डिलीवरी किट उपलब्ध कराई गई थी। डॉ. रामपति ने बताया कि उन्होंने स्टाफ नर्स श्याम लता, अर्चना व शिखा की मदद से प्रसव कराया। महिला के पति की एक माह पूर्व एचआईवी से मौत हुई थी।
डॉ.रमापति ने बताया कि बच्चे को एचआईवी से बचाने के लिए जरूरी दवाएं दी गई हैं। कुछ माह बाद उसका एचआईवी टेस्ट कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकतर बच्चों में एचआईवी उनके जन्म के दौरान होता है। मां से बच्चे में एचआईवी वायरस बच्चे के इम्यून सिस्टम में प्रवेश करता है। जिस वजह से इम्यून सिस्टम में श्वेत रक्त कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं।