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एचआईवी पीड़ित महिला ने बच्चे को दिया जन्म, जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने कराया प्रसव

Thu, 23 May 2019 12:19 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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उमा शंकर दीक्षित संयुक्त चिकित्सालय उन्नाव - फोटो : गूगल
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उन्नाव जिला महिला अस्पताल में एचआईवी पीड़ित महिला ने नार्मल डिलीवरी के जरिए बेटे को जन्म दिया। महिला का छह माह से आईसीटी(एकीकृत परीक्षण व परामर्श केंद्र) सेंटर पर उपचार चल रहा था। महिला का प्रसव कराने वाली चिकित्सक के अनुसार जच्चा व बच्चा की हालत सामान्य है। सुरक्षा के तहत प्रसव कक्ष में सामान्य टेबल व मेडिकल उपकरणों को हटा दिया गया था। प्रसव के लिए प्रयोग की गई टेबल को बाद में हटा दिया गया।

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सोहरामऊ थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी 28 साल की महिला गर्भधारण करने से पहले एचआईवी की चपेट में आ गई थी। जिला अस्पताल में जब उसने जांच कराई तो एचआईवी की पुष्टि हुई। हालांकि इस दौरान उसके पेट में तीन माह का बच्चा भी था। ऐसे में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। इस बीच आईसीटी सेंटर के स्टाफ ने यूपीसेक(उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी) से महिला का जिला अस्पताल में ही प्रसव कराने की अनुमति ली।

 

चिकित्सकों ने महिला की काउंसलिंग की और 19 मई को उसे अस्पताल में भर्ती किया। मंगलवार शाम उसे प्रसव कक्ष ले जाया गया। जहां डॉ. रमापति ने सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया। प्रसव कराने से पहले चिकित्सकों की टीम को सेफ डिलीवरी किट उपलब्ध कराई गई थी। डॉ. रामपति ने बताया कि उन्होंने स्टाफ नर्स श्याम लता, अर्चना व शिखा की मदद से प्रसव कराया। महिला के पति की एक माह पूर्व एचआईवी से मौत हुई थी।

डॉ.रमापति ने बताया कि बच्चे को एचआईवी से बचाने के लिए जरूरी दवाएं दी गई हैं। कुछ माह बाद उसका एचआईवी टेस्ट कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकतर बच्चों में एचआईवी उनके जन्म के दौरान होता है। मां से बच्चे में एचआईवी वायरस बच्चे के इम्यून सिस्टम में प्रवेश करता है। जिस वजह से इम्यून सिस्टम में श्वेत रक्त कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं।

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