कानपुर देहात। अकबरपुर सीएचसी में गुरुवार को वारंटी का मेडिकल कराए गए दरोगा और डॉक्टर में कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर हाथापाई तक की नौबत बन आई। सूचना सीएमओ और एसपी तक पहुंचे पर विवाद शांत हुआ।
अकबरपुर पुलिस ने नौबस्ता कानपुर निवासी वारंटी महेश कुमार को गुरुवार दोपहर गिरफ्तार किया था। कोतवाली के दो सिपाही उसका मेडिकल कराने सीएचसी अकबरपुर ले गए थे। दो बजे पुलिस कर्मी लेकर सीएचसी पहुंचे लेकिन साढ़े तीन बजे तक मेडिकल नहीं हो पाया। सिपाहियों की सूचना पर कस्बा चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र यादव सीएचसी पहुंचे और डॉ. दीपाली से समय पर आरोपियों का मेडिकल करने की बात कही। दरोगा का आरोप है कि डा. दीपली भड़क गई और उनसे कक्ष से बाहर निकल जाने कहा। इस पर विवाद होने लगा। शोर सुनकर डॉ. पवन व सीएचसी प्रभारी डा. आईएच खान पहुंच गए। डाक्टरों व पुलिस में हाथपाई की नौबत आ गई।
डा. आईएच खान ने सूचना सीएमओ डा. हीरा सिंह व एसपी राधेश्याम को दी। इसके बाद मामला किसी तरह से शांत हुआ।
कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि सीएचसी में मेडिकल करने पर डाक्टर अनावश्यक समय बर्बाद करते हैं। कोई डाक्टर मौके पर मौजूद नहीं मिलता है। मुल्जिमों को समय पर कोर्ट में पेश करना होता है। उन्होंने कहा कि डाक्टर लापरवाही करते हैं और खुद की लापरवाही छिपाने के लिए झूठा आरोप लगा रहे हैं।
सीएचसी प्रभारी डा. आईएच खान ने बताया कि मेडिकल के दौरान कस्बा चौकी इंचार्ज समेत कई लोग कक्ष में थे। डाक्टर दीपाली ने सिर्फ एक पुलिस कर्मी को अंदर रहने के लिए बोला तो वह भड़क गए और गाली गलौज करने लगे। इसके पहले भी कस्बा चौकी इंचार्ज ने 22 मार्च को सीएचसी में डाक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार किया था। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत फोन पर एसपी व सीएमओ से की गई है। शुक्रवार को लिखित शिकायत की जाएगी।
दरोगा और डॉक्टर में आस्तीनें चढ़ीं
वारंटी के मेडिकल में देरी होने पर अकबरपुर सीएचसी में हुआ विवाद
अमर उजाला ब्यूरो