अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पूर्व प्रधानों और बीडीसी सदस्यों के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों के वोटरों को लुभाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का मानना है कि गांवों के वोटरों पर पंचायती राजनीति से जुड़े लोगों का प्रभाव रहता है। उनके जरिये वोटरों को आसानी से पार्टी की नीतियों से प्रभावित किया जा सकता है।
पार्टी का मानना है कि गांव स्तर पर पहुंचने के लिए प्रधान, पूर्व प्रधानों और बीडीसी सदस्यों की भूमिका अहम होती है। वर्तमान प्रधान की अपेक्षा पूर्व प्रधान इस कार्य में बेहतर सहयोग कर सकते हैं। वर्तमान प्रधान पर जहां शासन-सत्ता का कुछ दबाव व बंदिशें होती है वहीं पूर्व प्रधान स्वतंत्र होकर मनमाफिक सहयोग कर सकते हैं। जिलाध्यक्ष नीतम सचान ने बताया कि इसे देखते पार्टी ने विधानसभा क्षेत्र स्तर पर नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।
पंचायत स्तर पर बैठक कर उन्हें रणनीति पर कार्य करने के लिए पार्टी की प्रमुख नेताओं की ओर से प्रशिक्षित भी किया जाएगा। नेता ब्लॉक स्तर पर पूर्व प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और पूर्व बीडीसी सदस्यों की सूची तैयार कर करने को कहा गया है। सूची बनाकर नेता पार्टी प्रत्याशी को गांवों में बीडीसी सदस्यों व पूर्व प्रधानों से मिलाएंगे। प्रत्याशी और उनके समर्थन पूर्व प्रधानों व बीडीसी सदस्यों के जरिये ग्रामीण मतदाताओं आकर्षित करने का प्रयास करेंगे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले में 640 ग्राम प्रचायतें हैं। एक एक गांव में कई कई पूर्व प्रधान हैं, जिन पूर्व प्रधानों की राजनीतिक विचार धारा एक है, उन्हें एक साथ पार्टी के मंच पर भी लाने की कोशिश की जाएगी।
पूर्व प्रधानों के सहारे वोटरों को लुभाएगी कांग्रेस
विधानसभाक्षेत्र वार नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
क्रासर
ब्लॉक स्तर पर बनाई जाएगी पूर्व प्रधानों की सूची
बीडीसी सदस्यों को भी जोड़ने की होगी कोशिश