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देश भक्ति की उमंग, बंदूक से चलेगा रंग

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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। होली पर इस बार देशभक्ति की उमंग देखने को मिल रही है। पाकिस्तान के खिलाफ हुई सर्जिकल स्ट्राइक का जुनून बच्चों के भी सिर चढ़कर बोल रहा है। टीवी पर सैनिकों का शौर्य देखकर दीवाने हुए बच्चे होली पर रंग बरसाने के लिए बंदूक वाली पिचकारी अभिभावकों से मांग रहे हैं। होली की खरीदारी के लिए शहर और कस्बों के स्थायी बाजारों के अलावा साप्ताहिक बाजारों में भी खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है।

बाजार में गुझिया बनाने के लिए लोग खोया, मैदा, रवा, मेवा, चीनी, रिफाइंड के अलावा नमकीन, पापड़, टॉपी, पान मसाला आदि की खरीदारी कर रहे हैं। पिचकारी की दुकानों में बच्चे माता, पिता के साथ पहुंच रहे हैं। पिचकारी के दाम में पिछले वर्ष की तुलना में दामों में पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। बाजार में डांग्रीला, सिक्स राउंड वाटर गन्स, डाइनामाइट, होवितजर, स्ट्रेचर पैड, सोल्डर गन्स, टैडी वियर के अलावा बंदूक वाली पिचकारियों की भरमार है। 47 पिचकारियों के अलावा बंदूक वाली अन्य पिचकारियों को बच्चे सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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बंदूक वाली पिचकारियां 150 से 1000 रुपये तक में बिक रही हैं। नेहरू नगर निवासी कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि बेटे अविरल (11) ने बंदूक वाली चिपकारी लेने की जिद कर रखी है। अंबेडकर नगर निवासी घनश्याम की बेटी गौरी (6, इसी मोहल्ले के धर्मेश के बेटे शिवांग (8) और स्वास्तिक (6) ने भी जिद कर बंदूक वाली पिचकारी ली है। नेहरू के केजी शुक्ला ने बताया कि बेटा अमित शुक्ला (9) कई दिन से बंदूक वाली चिपकारी लेने की जिद किए हैं। उसे बंदूक वाली पिचकारी दिलानी पड़ेगी।

पिचकारी की दुकान लगाए मुश्ताक ने बताया कि एके 47 नाम की पिचकारी पहली बार बाजार में आई है। बच्चे इसे सबसे ज्यादा पसंद कर रहेे हैं। ये बिल्कुल एके 47 रायफल जैसी बनी है। इसमें एक लीटर से पांच लीटर तक पानी भरा जा सकता है। बंदूक वाली अन्य पिचकारियों की भी मांग ज्यादा है। सैनिकों वाले मुखौटों की मांग भी बच्चे ज्यादा कर रहे हैं।


मोहल्ला नेहरू नगर के किराना दुकानदार गोपी सेठ ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में कुछ मेवा के दाम बढ़े हैं तो कुछ के कम हुए हैं। चिरौंजी के 200 से घटकर 800 रुपये और मखाना 800 रुपये से 600 हो गए हैं। गरी पिछले वर्ष की तुलना में 40 रुपये महंगी हो गई है। छुआरा 140 रुपये, प्रति बूरा चीनी 40 से 44 और किसमिस 240 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रही है। कालीगंज बाजार के किराना व्यापारी अखिलेश सैनी ने बताया कि पापड़ के दाम पिछले वर्ष की अपेक्षा बढ़े हैं। 40 रुपये वाला पैकेट 50 रुपये का हो गया है। मैदा भी पांच रुपये किलो महंगा हुआ है। नेहरू नगर के किराना कारोबारी संजय मिश्रा ने बताया कि रिफाइंड तेज पांच लीटर का पैक 450 से बढ़कर 500 रुपये हो गया है। नवीपुर बाजार के किराना व्यापारी कल्लू वाजपेयी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कारोबार अच्छा हो रहा है।
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रंगों का त्योहार है होली, लोग उत्साह व प्रेम से एक दूसरे पर रंग डालते हैं लेकिन इसमें की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है और होली का त्योहार बदरंग भी हो सकता है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. अराधना ने बताया कि रंगो में निश्चित तौर पर केमिकल होता है अगर रंग आंख, कान, नाक आदि में चले जाते हैं तो कोई न कोई नुकसान पहुंचाएंगे। इससे रंग खेलने में सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर रंग कहीं ऐसे अंग पड़ जाए तो उसे रगड़े नहीं साफ पानी से धुल लें और अगर तकलीफ अधिक है तो फिजीशियन को दिखा लें। उन्होंने बताया कि काला व हरा रंग अधिक नुकसानदेह है रंगों की अपेक्षा गुलाल से होली खेलना सुरक्षित है लेकिन ध्यान रहे की वह भी आंखों में जाए। खाने पीने में रंगीन चीजों का इस्तेमाल न करें।





देश भक्ति की उमंग, बंदूक से चलेगा रंग
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बच्चे मांग रहे बंदूक वाली पिचकारी
क्रासर
बाजार में पहली बार आई एके-47 पिचकारी
फोटो संख्या-17 एकेबीपी-1 अकबरपुर में रंग बिरंगी कचरी की सजी दुकान
फोटो संख्या-17 एकेबीपी-2 त्योहार के चलते दुकान के बाहर बिक्री को सजाई गई मेवा
फोटो संख्या-17 एकेबीपी-3 त्योहार पर सजी परचून की दुकान
फोटो संख्या-17 एकेबीपी-4 होली में बिक्री के लिए रखी पिचकारी
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