अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद रैगवां के श्यामबाबू का शनिवार को गांव के खेल मैदान पर भारत माता के जयघोष के बीच अंतिम संस्कार किया गया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जिले के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, विधायक अजीत पाल, मंडलायुक्त, डीआईजी, पूर्व सैनिकों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। छोटे भाई कमलेश ने चिता को मुखाग्नि दी।
सीआरपीएफ के डीआईजी दीवान सिंह 30 जवानों के साथ शनिवार सुबह 10:10 बजे शहीद श्यामबाबू (33) पुत्र राम प्रसाद का शव लेकर गांव पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी थीं। गांव की सीमा पर हजारों की भीड़ सीआरपीएफ के आगे पीछे जुट गई। सीआरपीएफ का वाहन रामप्रसाद के घर के सामने से होते हुए खेल मैदान पर बनाए गए अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचा। स्मृति ईरानी शहीद के घर पर रुक गईं। उन्होंने शहीद की पत्नी रूबी, मां कैलाशी देवी, बच्चों को गले लगाकर ढांढस बंधाकर सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। करीब 25 मिनट घर में रुकने के बाद परिवार के सदस्यों को साथ लेकर केंद्रीय मंत्री अंतिम संस्कार स्थल पहुंची। वहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जिले के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, मां कैलाशी देवी, पत्नी रूबी, पिता राम प्रसाद, अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक अजीत पाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष राहुल अग्निहोत्री, मंडलायुक्त कानपुर सुभाषचंद्र, डीआईजी आलोक सिंह, डीआईजी सीआरपीएफ, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, एसपी राधेश्याम, पूर्व सैनिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। एमएलसी अरुण पाठक, विधायक प्रतिभा शुक्ला, निर्मला शंखवार, जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह यादव, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने भी शहीद को नमन किया।
इस बीच मौजूद भीड़ भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा, श्यामबाबू का नाम रहेगा के नारे लगाते रहे। युवाओं का हुजूम अपने गांव का नाम देश के इतिहास में दर्ज कराने वाले जांबाज की शौर्यगाथा को मोबाइल के कैमरे में कैद करने के लिए बेताब दिखा। कुछ शहीद के झलक पाने के लिए पेड़ों पर चढ़ गए थे। सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर दिया। 12:30 बजेे छोटे भाई कमलेश ने चिता को मुखाग्नि दी। इसके साथ ही भारत माता की जय, हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगने लगे।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शहीद के घर पहुंची महिलाओं के बीच बैठ गईं। महिलाएं बिलख कर रो रही थीं। मंत्री ने शहीद की पत्नी रूबी गले लगाकर लिया। उसे बिलखता देख उनकी आंखों से भी आंसू झलक पड़े। अपने को संभालते हुए शहीद की रूबी को विश्वास दिलाया कि उसके दुख से सरकार भी आहत है और हर कदम पर उसके साथ है। पास में बैठे शहीद के बेटे लकी व बेटी आरुषि पर मंत्री ने प्यार से हाथ फेरा।
तिरंगे के साथ उमड़े लोग, गूंजे शहीद के जयकारे
रैगवां के खेल मैदान पर किया गया शहीद श्यामबाबू का अंतिम संस्कार, भाई कमलेश ने दी मुखाग्नि
क्रासर
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक ने दी श्रद्धांजलि
सीआरपीएफ के 30 जवानों की टोली ने दिया शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर