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10 फीसदी आरक्षण के विरोध में धरना

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अमर उजाला ब्यूरो
डेरापुर। संविधान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने रविवार को दस फीसदी आर्थिक आधार पर आरक्षण के विरोध में तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम कार्यालय के लिपिक को सौंपा।

समिति के जिला संयोजक सुमित गौतम ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देकर भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों को छेडनेे का काम किया है ऐसी स्थित में सरकार को बिना चर्चा किये 10 प्रतिशत आरक्षण बिल अविलंब रद्द करना चाहिए। उन्होंने आगामी चुनाव में ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही। इतना ही नही कार्यकर्ताओं ने ओबीसी पर लगाये गए क्रीमीलेयर को भी हटाने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के विरोध में 5 मार्च को भारत बन्द का भी आह्वान किया गया है। इस दौरान लाल जी पाल, अमर सिंह, सुमित कुमार, राजू यादव, सुनील बाबू आदि मौजूद रहे।
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पुखरायां मेें भी तहसील मुख्यालय पर धरना देकर आर्थिक दृष्टि कमजोर वर्ग के लिए दिए गए 10 फीसदी आरक्षण का विरोध किया। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। समिति के वीरेंद्र नागवंशी ने अध्यक्षता की और सुखदेव निषाद ने संचालन किया। धरने में मौजूद कार्यकर्ताओं को जसवंत पाल ने बताया कि केंद्र की सरकार ने सामान्य जाति के कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण देकर संविधान के मौलिक अधिकारों का हनन किया है। इस दौरान 10 फीसदी आरक्षण रद्द करने, एससी, एसटी, ओबीसी को लोक संख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व, ओबीसी पर लगाए क्रीमीलेयर हटाने संबंधी सात सूत्री मांग का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। धरने में धीरज गौतम, अरविंद संखवार, संदीप कुमार, मयंक वर्मा, सुशील कुमार, ने धरने में विचार व्यक्त किए। विष्णु वौद्ध, राम खिलावन, सुरजीत सिंह, कोमल पाल आदि मौजूद थे।




10 फीसदी आरक्षण के विरोध में धरना
संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन
फोटो संख्या 03एकेबीपी15- तहसील परिसर में धरने पर बैठे कार्यकर्ता
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