बहुआ। बिजली की अघोषित कटौती से गुस्साए लोग गुरुवार को सड़क पर उतर आए। बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी के साथ हंगामा किया। शासन से तय रोस्टर के अनुसार आपूर्ति का मुद्दा उठाया।
सभासद अन्नू सिंह चंदेल ने कहा कि गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती से लोग बेहाल हैं। दोपहर व रात को बिजली कटौती से नींद हराम है। उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था करीब एक महीने से बेपटरी है। 24 घंटा में 14 घंटे कटौती की जा रही है। बुधवार दोपहर से बिजली आपूर्ति बंद है। विद्युत आपूर्ति न होने से कस्बे की जलापूर्ति भी फेल हो गई है। लोग हैंडपंप से पानी भर कर लाते हैं। वहीं भीषण गर्मी में रोजेदारों की मुसीबत बढ़ गई है। इस मौके पर निसार अहमद, इलियास अहमद, लंबरी गुप्ता, आशीष गुप्ता, भंडारी, रामआसरे, यासीन, राइन, चुन्नीलाल, राज त्रिपाठी, रूमेश गुप्ता, नासिर, छेद्दू गुप्ता मौजूद रहे।
पखवारे भर में दो ट्रांसफार्मर फुंके
असोथर। क्षेत्र के अलग-अलग गांव में दो ट्रांसफार्मर 15 दिन से फुंके पड़े हैं। इसमें एक राजकीय नलकूप का ट्रांसफार्मर है। नलकूप का संचालन न होने से किसानों की नर्सरी बुआई का काम पिछड़ रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर भी ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए हैं। टीकर गांव के किसान राजाराम, लल्लू, जितेंद्र, ननका और महेश कुमार ने बताया बताया कि गांव के राजकीय नलकूप का ट्रांसफार्मर 15 दिन से फुंका है। इससे पहले नलकूप खराब रहा है। इससे धान की नर्सरी बोने का काम पिछड़ रहा है। प्रेममऊ कटरा गांव के शिवलहरी, कल्लू ने बताया कि गांव का 25 केवीए ट्रांसफार्मर 15 दिन पहले फुंक गया था। अभी तक नहीं बदला गया है।
अघोषित कटौती पर लोगों में गुस्सा
विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर किया हंगामा, पानी का संकट गहराया
अमर उजाला ब्यूरो