कानपुर। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय (आरटीओ) के प्रवर्तन विभाग की नजर सिर्फ दूसरे राज्यों की बसों पर है, जबकि बिना फिटनेस और परमिट के फर्राटा भर रही जिले की 150 बसों पर मेहरबानी जारी है। यह बेधड़क जिले की सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। गुरुवार को प्रवर्तन टीम ने दूसरे राज्यों की पांच बसों को सीज कर 45 पर कार्रवाई की, जिसमें नौ लाख का चालान शामिल है।
आरटीओ में 1263 बसें पंजीकृत हैं, जिनमें 1113 बसों का फिटनेस वैध है। बिना फिटनेस की 150 बसों में से 56 सिटी बस, 93 ऑल यूपी परमिट और एक रोडवेज की बस शामिल है। पिछले पांच दिनों से ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत हाईवे पर बसों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान फुटकर सवारियां बिठाने, परमिट न होने, बस में माल परिवहन, रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप न होने, नंबर प्लेट में गड़बड़ी, ध्वनि प्रदूषण, फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर होने, फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं न होने और खिड़कियों पर पर्दे न होने जैसी कमियाें को देखा जा रहा है। अफसरों ने सागर हाईवे पर चेकिंग के दौरान यूपी-75 एटी-2277 बस की जांच में अग्निशमन उपकरण की मियाद खत्म हो चुकी थी। बस में फुटकर सवारियां थीं। वहीं एनएल-07 बी-0687 का परमिट समाप्त मिला। एमपी-41 जेडडी-7546 का परमिट भी समाप्त पाया गया। दोनों बसों में सवारियां मौजूद थीं। इसी तरह से अन्य दो बसों के कागजों में खामियां मिलीं। टीम ने जांच के बाद बसों को सीज किया। अभियान का बड़ा फोकस दूसरे राज्यों से आने वाली बसों और ओवरलोड वाहनों पर होता है।
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बसों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 45 बसें जांच के दौरान पकड़ी गईं, जिसमें पांच को सीज कर अन्य का चालान काटा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई होगी।
राहुल श्रीवास्ताव, आरटीओ प्रवर्तन