शिवली। पांडु नदी की बाढ़ से शिवली नगर के साथ क्षेत्र के रूदापुर फंदा, लुधौरा, हृदयपुर गोकुला, बाघपुर समेत छह गांवों में करीब 150 बीघा फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। नष्ट हुई फसलें देखकर किसान मायूस हैं।
बीते दिनों पांडु नदी का जलस्तर बढ़ गया था। रसूलाबाद, शिवली के साथ ही रनियां क्षेत्र के गांवों में रास्ते जलमग्न होने के साथ खेतों में पानी भर गया। तैयार हो रही खरीफ की फसलें डूबने से किसानों को झटका लगा। किसान उम्मीद लगाए थे कि जल्द नदी का पानी उतर जाएगा, लेकिन धीमी गति से पानी उतर रहा है। कई गांवों में अभी रास्ते पर पानी भरा है। जबकि नदी किनारे के खेत जलमग्न हैं। इसी क्रम में शिवली क्षेत्र में नगर के पांडु नदी किनारे के खेतों में पानी उतरा है, लेकिन अभी भी काफी खेत जलमग्न हैं।
इसी प्रकार रूदापुर फंदा, लुधौरा, हृदयपुर गोकुला, बाघपुर समेत छह गांवों में करीब 150 बीघा फसलें जलमग्न होने से बर्बाद हो गई हैं। अब किसान बर्बाद हुई मक्का, ज्वार, धान व तिल आदि की फसलें देखकर मायूस है। शिवम प्रजापति, रामकुमार, अजय सिंह और संतोष प्रजापति आदि ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गई हैं। इधर गांवों की गलियों और रास्तों में पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
अब किसानों को चिंता है कि हरा चारा भी नष्ट हो गया तो मवेशियों को क्या खिलाएंगे। भूसे के दाम करीब 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे पशुपालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मैथा एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि नदी जलस्तर कम हो रहा है। खेतों से पानी उतरने पर सर्वे कराया जाएगा।