बांदा जिले में किशोरी को बंधक बनाकर चार दिन तक दुष्कर्म के जुर्म में अदालत ने आरोपी को 15 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। तीन आरोपी निर्दोष साबित होने पर बरी हो गए।
मरका थाना क्षेत्र के एक गांव में 23 जून 2013 की शाम चक्की पर गेहूं पिसाने गई 15 वर्षीय किशोरी को गांव का 30 वर्षीय छुटकवा उर्फ तीरथ चतुर्वेदी पुत्र गया प्रसाद उसे यह डराकर साथ ले गया कि उसकी मां कुल्हाड़ी लिए उसकी तलाश में घूम रही है।
उसे काटकर यमुना नदी में बहा देगी। कुछ ही देर पहले किशोरी को मां ने पीटा भी था। इससे किशोरी सहमी हुई थी। युवक के झांसे में आकर किशोरी उसके साथ चली गई। छुटकवा ने उसे अपने ट्यूबवेल में चार दिन तक रखा और तमंचे के बल पर दुष्कर्म करता रहा।
चौथे दिन तड़के मौका पाकर किशोरी छुटकवा का तमंचा और कारतूस लेकर भाग निकली और कमासिन में अपनी बुआ के घर पहुंच गई। तलाश करता हुआ पिता वहां पहुंचा तो बेटी ने पूरी घटना बताई। पिता के साथ थाने पहुंची किशोरी ने तमंचा और कारतूस पुलिस को सौंप दिए।