कानपुर। डीएपी खाद की मारामारी के बीच दिसंबर माह में उर्वरक दुकानदारों ने एक ही किसान के नाम पर 15 से 20 बोरी तक डीएपी बिक्री कर दी। जब शासन स्तर से सभी दुकानदारों की आईडी की जांच हुई तो मामला पकड़ में आया। कृषि विभाग ने 14 दुकानों में खाद बिक्री पर रोक लगा दी है।
दिसंबर में परी खाद भंडार गुजैला, मेसर्स यादव खाद भंडार सजेती, जियालाल खाद भंडार सनिगवां, न्यू संतोष कुमार राजपूत खाद भंडार रहीमपुर विषधन, शिव शक्ति खाद एवं बीज भंडार उत्तरीपुर, बाबा कामतानाथ खाद एवं बीज भंडार घाटमपुर के दुकानदारों ने धांधली की।
इसके साथ ही ओशो इंडिया कठेरुआ, प्रिया फर्टिलाइजर सेन पश्चिम पारा, सुरेशनाथ महेंद्र नाथ सरसौल, मां वैष्णो खाद भंडार सजेती, शारदा ट्रेडर्स नौरंगा, जागृति कांट्रेक्शन बरीपाल, अपना खाद एवं बीज भंडार हृदयपुर, ओम खाद भंडार इंदलपुर और जुगराज चौबेपुर के दुकानदारों ने यह फर्जीवाड़ा किया।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि 20 बोरी से अधिक डीएपी इन दुकानदारों ने एक ही किसान के नाम पर बेच दी है। इन दुकानों पर खाद बिक्री पर रोक लगा दी है। कालाबाजारी की जांच की जा रही है। सही रिपोर्ट न मिलने पर दुकानदारों पर कार्रवाई होगी। ब्यूरो