राजपुर (कानपुर देहात)। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डाक्टरों की मनमानी से मरीज परेशान हैं। सोमवार को भीषण गर्मी और लू की चपेट में आए दर्जनों मरीज पीएचसी पर पहुंचे लेकिन डाक्टर के न आने से मायूस होकर लौट गए। वहीं फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज करते रहे। अस्पताल में डाक्टर के न मिलने से ग्रामीणों में जबरदस्त रोष है। सोमवार को पीएचसी में डॉ एपी सचान की ओपीडी थी। अस्पताल पहुंचे छोलापुर गांव के वृद्ध समरथ सिंह, पिटाकपुर की लक्ष्मी देवी, नवीपुर के भगवानदास, डाढापुर के महादेव, जैसलपुर के वीरेंद्र सिंह, गौरीरतन बांगर की माधुरी देवी सहित मरीजों ने बताया कि बुखार और उल्टी-दस्त की बीमारी हैं। गांव में रात गुजारने के बाद किसी तरह सुबह सरकारी अस्पताल आए थे। अस्पताल आने पर पता चला कि डाक्टर साहब नहीं आए हैं। दोपहर 12 बजे तक डाक्टर का इंतजार करने के बाद उनके न पहुंचने पर फार्मासिस्ट रविजीत यादव ने मरीजों को दवाइयां दी। वार्ड ब्वाय शिवकुमार सहयोगी मुकेश कुमार पर्चा बनाने वाले रामकिशुन गुप्ता मौजूद रहे।
फार्मासिस्ट से संतुष्ट नहीं हुए तो मायूस होकर मरीजों ने कहा कि वह प्राइवेट डाक्टर को दिखाएंगे जाकर रुपया फिर चाहे जो लगे। राजपुर कस्बे की फरीना, खासबरा की रोशनी, निशा खातून, पिटाकपुर के पन्नालाल, सिल्हरा के सुदामाप्रसाद, खोजारामपुर के दीपांशू ने बताया कि यहां चिकित्सक ही नहीं मिलते हैं। वापस लौटना पड़ रहा है। पर्चा बना रहे राम किशुन गुप्ता ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में 12 बजे तक 45 मरीजों को पर्चा बनाए गए हैं। डाक्टर के न आने का कारण कोई नहीं बता सका। अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों का आरोप था कि डा. एपी सचान हमेशा गायब रहते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. डीकेसिंह ने बताया कि सोमवार को ओपीडी और इमरजेंसी में डॉ एपी सचान की ड्यूटी थी। ओपीडी बंद रहने का मामला गंभीर है जिसकी जानकारी करके रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी।
- राजपुर पीएचसी में फार्मासिस्ट कर रहा इलाज
- डाक्टर के न पहुंचने से सोमवार को लौटे मरीज