अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद।
दहेज हत्या के मुकदमे में जीआरपी के सिपाही की मां को मसेनी चौराहे से चंद कदमों की दूरी से गिरफ्तार कर लिया गया। उसको न्यायालय में पेश किया गया। प्रभारी सीजेएम ने आरोपी महिला को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है।
जिला मैनपुरी के थाना कुरावली के अलूपुर निवासी इंद्रपाल सिंह ने पुत्री शिखा उर्फ रिचा की शादी एटा जिले के थाना अलीगंज के ताजपुर अड्ड के पास निवासी गोविंद सिंह पुत्र श्याम पाल सिंह के साथ 17 नवंबर 2010 को की थी। पति जीआरपी में सिपाही के पद पर तैनात था। गोविंद सिंह वर्तमान में पत्नी के साथ लोको रोड जीआरपी क्वार्टर में निवास कर रहा था। शिखा उर्फ रिचा की 21 फरवरी 2017 को मौत हो गई। पिता ने अतिरिक्त दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर पुत्री की हत्या करने का आरोप ससुरालीजनों पर लगाया था। इंद्रपाल सिंह ने पति गोविंद सिंह, सास निर्मलादेवी समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज कराई थी। इस मुकदमे की आरोपी सास निर्मलादेवी को शनिवार को मसेनी चौराहे के नजदीक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी सीजेएम की अदालत में पेश होने के बाद जेल भेजा गया। इस मुकदमे के आरोपी पति गोविंद सिंह को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कोतवाल अनूप कुमार निगम ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मसेनी चौराहे के पास से पुलिस ने पकड़ा