कानपुर के पास पुखरायां में हुए इंदाैर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे के दाे दिनाें बाद भी माैत का सिलसिला जारी है। हादसे में मरने वालाें की संख्या 150 पहुंच गईं। हालांकि प्रशासन अभी 148 के माैत की पुष्टि ही कर रहा है। रविवार तड़के 3.10 बजे पटना जा रही 19321 इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस के 14 डिब्बों के पटरी से उतरने से ये हादसा हुआ। इसे हाल के वर्षों की सबसे भीषण रेल दुर्घटना बताया जा रहा है।
हुई पहली कार्रवाई
कानपुर रेल दुर्घटना
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद गंभीर रूप से घायलों को कानपुर के हैलट और उर्सला समेत कई सरकारी अस्पतालों में भेजा जा गया गया था। जिनमें करीब एक दर्जन से अधिक की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर रेलवे बाेर्ड ने मामले में जांच शुरू कर दी है। प्रथम द़ष्टया लापरवाही पर झांसी डीअारएम का स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि तीन इंजीनियर काे सस्पेंड किया गया है।
अपनाें की तलाश में अभी भी भटक रहे लाेग
कई बिछड़ों को अभी तक नहीं मिले अपने
- फोटो : अमर उजाला
कई बिछड़े यात्रियों को अभी तक अपने परिजन नहीं मिल पाये हैं। बोगियां काटकर क्षत विक्षत लाशें निकाली गई थी। एेसे में कई मृतकाें की पहचान कर पाना भी बेहद मुश्किल हाे गया है। एेसे अाठ मृतक हैं जिनकी अभी तक शिनाख्त नहीं हाे पाई है।