कानपुर देहात। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर हड़ताल का असर मिला जुला दिखा। माती स्थित विकास भवन परिसर में धरने कर्मियों ने एकत्र होकर पेंशन की मांग को लेकर हुंकार भरी। बीएसए दफ्तर, विकास भवन में कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप रहा। कलक्ट्रेट व स्वास्थ्य विभाग में काम होता रहा। विभागाध्यक्षों के अनुसार हड़ताल से काम प्रभावित नहीं हुआ।
पुरानी पेंशन बहाली मंच से जुड़े कर्मियों, शिक्षकों ने बुधवार से जिले में हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन कर्मियों ने विकास भवन परिसर में धरना देकर पेंशन बहाली की मांग की। हड़ताल के चलते बीएसए दफ्तर और विकास भवन के कई कार्यालयों के कमरे बंद थे। कुछ जगह काम हो रहा था तो कर्मचारी नेताओं ने वहां जाकर हड़ताल में शामिल होने की अपील की। जिले के परिषदीय स्कूल खुले रहे। काफी कर्मचारियों में एस्मा के तहत कार्रवाई होने की भी दहशत दिखी।
जबकि, सीएमओ दफ्तर, कलक्ट्रेट आदि में कर्मचारी काम करते रहे। डीआईओएस दफ्तर में भी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर कर्मी काम पर लगे रहे। इस दौरान रजनीश शुक्ला, सुधीर दुबे, रामजी मिश्रा, विकास दीक्षित, रामकिशोरी, श्यामबाबू तिवारी, रेनू गुप्ता आदि मौजूद रहे। रसूलाबाद प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी व लेखपाल और संग्रह अमीनों ने हड़ताल की। शासन की ओर से एस्मा की कार्रवाई की चेतावनी के बाद भी कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। ब्लाक कार्यालय में एकत्र हुए कर्मियों ने सांसद विधायकों को दी जा रही पेंशन पर आपत्ति की। हड़ताल का असर स्कूलों में देखने को नहीं मिला। लेखपाल संघ के अध्यक्ष लालाराम, कमलेश चतुर्वेदी, जय नारायण, योगेश, कुंती, उपासना आदि मौजूद रहेे। डेरापुर प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक कार्यालय में राज्यकर्मियों ने तालाबंदी कर हड़ताल रखी जबकि स्वास्थ्य कर्मी व शिक्षक काम पर दिखे। इस दौरान सुधीर कटियार, राजेश शर्मा, रुबी गौतम, सोने लाल आदि मौजूद रहे। धरने के दौरान तहसील परिसर में लेखपाल संघ के अध्यक्ष सदब्रजबिहारी, विश्राम सिंह, बलवान सिंह, महेश वर्मा, आदित्य अवस्थी, ऋषभ शुक्ल आदि मौजूद रहे। हड़ताल के बाद कुढ़ावल, गहोबा, चिलौली, रानीपुर आदि गांव के परिषदीय स्कूल खुले मिले।
संदलपुर प्रतिनिधि के अनुसार परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने स्कूल खुले, लेकिन शिक्षण कार्य नहीं किया। ब्लाक में काम होता रहा। शिवली प्रतिनिधि के अनुसार पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षक, कर्मचारियों ने मैथा तहसील कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया। इस मौके पर विष्णु मिश्रा, ब्रजेश यादव, लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ब्रजेश दीक्षित, शिवम यादव, विकास सचान, मिलन द्विवेदी, अमीन संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह मौजूद रहे। झींझक प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र परिषदीय स्कूलों में हड़ताल का असर नहीं दिखा। मंगलपुर, शाहपुर, औरंगाबाद हीरामंशा, शंकरगंज, कृपालपुर, अकोडिय़ा, नसीरपुर आदि गांवों में परिषदीय स्कूल खुले रहे। शिक्षक शिक्षण कार्य करते मिले। खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। राजपुर प्रतिनिधि के अनुसार बीआरसी अमीन, लेखपाल, सिंचाई, नलकूप आदि विभागों के कर्मी कार्यालय परिसर में एकत्र होने के बाद नारेबाजी की और ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी शिवबोधन वर्मा को सौंपा। इस दौरान जीशान अहमद, सुरेंद्र कटियार, अचिलेश मिश्र, नीरज बाजपेई, विमल, जहीर अंसारी आदि मौजूद रहे।