अमर उजाला ब्यूरो
मुहम्मदाबाद (उरई)। डकोर थाना क्षेत्र में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह दोस्त के साथ शौच के लिए निकला था। पुलिस ने मृतक के दोस्त व एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है। छात्र के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। अभी तक छात्र की किसी से रंजिश की बात सामने नहीं आई है।
डकोर थाना क्षेत्र के ग्राम कुठौंदा निवासी अजीत सिंह (19) पुत्र सीताराम राजपूत राठ रोड स्थित शताब्दी महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। मंगलवार को अजीत के घर पर उसका दोस्त गोहांड का मूल निवासी और वर्तमान में मौखरी गांव में रहने वाला हेमंत पुत्र ब्रजकिशोर कुशवाहा आया था। दोनों रात एक बजे शौच जाने की बात कह कर घर से निकले। आरोप है कि वे घर के पीछे राम जानकी मंदिर के पास पहुंचे थे कि वहां पहले से मौजूद बदमाश ने अजीत को गोली मार दी। गोली उसके गर्दन में लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर अजीत के परिजन दौड़ कर मौके पर पहुंचे। उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सक ने हालत गंभीर देख कानपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे कानपुर लेकर जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। उन्होंने किसी से कोई रंजिश होने से इनकार किया। इस पर पुलिस ने हेमंत को हिरासत में ले लिया है।
डकोर थानाध्यक्ष का कहना है कि पूछताछ में हेमंत ने बताया कि शौच जाते वक्त रास्ते में दो बदमाश मिले थे। दोनों बड़े-बड़े बैग लिए हुए थे। अजीत ने उनसे परिचय पूछा तो वे लड़ने लगे। इस दौरान एक बदमाश ने तमंचा निकालकर अजीत को गोली मार दी और वहां से भाग निकले। पुलिस के मुताबिक हेमंत की बताई हुई घटना संदिग्ध लग रही है। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
हेमंत को घर लेकर आया था अजीत
मृतक के पिता सीताराम ने बताया कि मंगलवार को अजीत सुबह से ही हेमंत के पास जाने को कहकर घर से निकल गया था। वह शाम को हेमंत को साथ लेकर घर वापस आया। उससे देर से आने की वजह पूछी तो उसने बताया कि वह पूरा दिन हेमंत के ग्राम मौखरी स्थित कमरे में था। इसके बाद दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया और गांव में घूमने चले गए। काफी रात होने पर अजीत ने हेमंत को घर पर ही रोक लिया। रात में दोनों कब उठकर शौच के लिए चले गए, पता नहीं चला। जबकि अजीत के घर पर शौचालय भी बना हुआ है।
गोली ने नहीं बोलने दिया सच
अजीत के पिता सीताराम को जवान बेटे को खोने का गहरा सदमा लगा है। उन्होंने बताया कि अजीत को गले में गोली लगी थी, जिससे वह उनसे बात तक नहीं कर पाया। सिर्फ दर्द से तड़पता रहा। वह कुछ कहना चाहता था लेकिन बता नहीं पाया। उसकी आवाज सुनने को वह तरस गए। उसकी किसी से ऐसी कोई दुश्मनी भी नहीं थी कि कोई जान लेना चाहे।
एक और संदिग्ध को पुलिस नेे उठाया
संदेह के आधार पर पुलिस ने अजीत के दोस्त हेमंत के अलावा एक और युवक को पूछताछ की लिए उठाया है। हालांकि पुलिस ने अभी उसका नाम नहीं खोला है। पुलिस की शक की सुई हेमंत और उसके जान पहचान के लोगों पर ही घूम रही है।
बदमाशों ने हेमंत को क्यों छोड़ा
हेमंत बुधवार को भी पूरे दिन यही कहता रहा कि बदमाशों ने ही उसके दोस्त की जान ली है। लेकिन पुलिस बैग वाले बाइक सवार बदमाशों की बात पर यकीन नहीं कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि बदमाश होते तो मुकेश को क्यों छोड़ते, उसे खरोंच तक नहीं आई है।
तीसरा कौन, बताएगी काल डिटेल
मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने अजीत और हेमंत के मोबाइल की काल डिटेल भी खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस का मानना है कि यदि घटना में कोई तीसरा है तो उसकी दोनों में से किसी से बात जरूर हुई होगी। इसका पता सीडीआर से चल जाएगा।
युवक की गोली मार कर हत्या
-मृतक के दोस्त ने कहा बदमाश ने मारी गोली
-पुलिस ने दोस्त को हिरासत में लिया
-दोनों रात में शौच के लिए निकले थे