जिला अस्पताल में कर्मचारियों के बयान दर्ज करते जांच कमेटी के पदाधिकारी। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिला अस्पताल में ओपीडी बंद कराकर हंगामा करने के मामले में सीएमएस की गठित कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को 15 कर्मचारियों को लिखित बयान देने के लिए बुलाया गया। इस पर 14 कर्मचारियों ने बयान दर्ज कराए, वहीं एक कर्मचारी अनुपस्थित रहा। अब गुरुवार को उसके बयान दर्ज किए जाएंगे।
जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए हो रही मिट्टी खुदाई कर बाहर भेजने, सड़क व नालियां क्षतिग्रस्त होने सहित अन्य समस्याओं को लेकर कर्मचारियों ने नौ दिसंबर को बवाल किया था। हंगामा के दौरान कोतवाल ने वार्ड ब्वॉय व गोद में बच्चा लिए उसके रिश्तेदार को पीटा था। जिसका वीडियो वायरल होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया था।
बवाल की जांच के लिए सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने वरिष्ठ परामर्शदाता की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। मामले में बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल के 15 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया था। बुधवार को जांच कमेटी के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह व अन्य सदस्यों ने 14 कर्मचारियों के लिखित बयान दर्ज किए।
इस दौरान एक कर्मचारी नहीं पहुंचा। जांच कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि अनुपस्थित रहे कर्मचारी को बयान के लिए गुरुवार को बुलाया गया है। शाम तक रिपोर्ट तैयार कर सीएमएस को दे दी जाएगी।
वार्ड ब्वॉय को आवास आवंटन की जांच करेगी टीम
जिला अस्पताल मेें ओपीडी बंद कराने व पुलिस से भिड़ने के मामले में वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। वार्ड ब्वॉय को अस्पताल में आवास आवंटित करने के बाबत एएसपी ने सीएमएस से जानकारी मांगी है। इस पर रिपोर्ट देने के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है।
जिसमें वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एसपी सिंह, डॉ. आरए मिर्जा व सीएमओ कार्यालय के अवर अभियंता को शामिल किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार वार्ड ब्वॉय को नियम के विपरीत डॉक्टर का आवास आवंटित किया गया था और वहां वह अवैध निर्माण भी करा रहा था। फिलहाल टीम सभी तथ्यों पर जांच कर रिपोर्ट सीएमएस को देगी।