गो-संरक्षण केंद्रों का निर्माण कार्य धीमा, डीएम ने जताई नाराजगी
चित्रकूट। अन्ना मवेशी की समस्या को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में चारागाह विकास एवं गोवंश आश्रय स्थल के संरक्षण की प्रगति के संबंध में जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने अधिकारियों की बैठक की। गो संरक्षण केंद्रों का धीमा कार्य होने पर नाराजगी जताई। खंड विकास अधिकारी व ग्राम प्रधानों कार्य में रूचि नहीं ले रहे। टीम भेजकर इनके कार्यों की जानकारी ली जाए।
अमर उजाला में गुरुवार के अंक में अन्ना मवेशी की खबर छपने पर जिलाधिकारी ने विशाख जी अय्यर ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से कहा प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर दो-दो चारागाहों को चिन्हित कर गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण मनरेगा एवं अन्य माध्यम से कराया जाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तत्काल चरागाहों की व्यवस्था कराई जाय। उप जिलाधिकारियों से कहा कि पशु आश्रयों में यह देख लें कि जानवरों के लिए चारा आदि की व्यवस्था है कि नही। चौरा गांव की जमीन को चिन्हित कर वहां पर तत्काल कार्य शुरू कराया जाय और दरसेड़ा, इटौरा में तीन दिन के अंदर कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। सरधुआ ग्राम पंचायत के प्रधान को नोटिस भेजी जाय इनके द्वारा पशु आश्रय के कार्य में रुचि नही ली जा रही। जो मंडी परिषद की मंडियां बंद पड़ी है उनमें बाहर के शेड पर पशु आश्रय स्थापित किया जाय। टिटिहरा पशु आश्रय ग्रह में दो महीने से कार्य चल रहा है उसकी स्थिति अभी भी ठीक नही है मुझे 10 दिन के अंदर कार्य पूर्ण चाहिए नही तो मैं संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्यवाही करुंगा। डीआरडीए के लिपिक ओम प्रकाश करवरिया के कार्य करने का रवैया ठीक नही है यह अपने कार्य प्रणाली में सुधार लायें इनकी बहुत शिकायतें प्राप्त हो रही है। दोबारा शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जायेगी।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डा. महेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, उप जिलाधिकारी इंदुप्रकाश,मऊ संदीप कुमार, राजापुर,अश्वनी कुमार पाण्डेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।