भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की मीटिंग से पहले बुधवार को प्रदेश पदाधिकारियों की हुई मीटिंग में जीएसटी की पेचीदगियों से नाराज हुए व्यापारियों और उद्यमियों को साधने के लिए चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि निकाय चुनाव से पहले व्यापारियों की नाराजगी दूर करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। इसकी जिम्मेदारी जिला स्तरीय नेताओं को सौंपी जाए। वे पार्टी समर्थित व्यापार मंडल के साथ मिलकर शहर के व्यापारियों को जीएसटी के फायदे बताएंगे। यह भरोसा दिलाएंगे कि जिस भी तरह की समस्या सामने आएगी, उसका तत्काल निस्तारण कराया जाएगा। केंद्र सरकार इस पर लगातार काम कर रही है।
सूत्र बताते हैं कि छह अक्तूबर को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में व्यापार हित में लिए गए कुछ फैसलों को नजीर की तरह पेश करने को कहा गया है। हालांकि इस प्रस्ताव पर मुहर प्रदेश कार्यसमिति की मीटिंग में लगेगी, लेकिन निकाय चुनाव के लिए व्यापारियों की नाराजगी को हल्के में नही लेने के संकेत मिले हैं। प्रदेश पदाधिकारियों की मीटिंग में जाने से पूर्व खुद वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने यह बात स्वीकार की। उन्होंने कहाकि मीटिंग में प्रदेश में जीएसटी से पैदा हुए हालात, अब तक हुए सुधार, कारोबार को चुनौती और भविष्य की स्थिति पर भी विचार विमर्श होगा।