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लॉकडाउन: पिता और भाई दिल्ली में फंसे, छोटा भाई सब्जी बेंचकर भर रहा मां और तीन बहनों का पेट

Mon, 13 Apr 2020 07:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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सफेद कपड़े में शनि - फोटो : amar ujala
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लॉकडाउन के कारण किताब रूपी ‘जिंदगी’ का पन्ना ऐसा पलटेगा यह कोई जानता था। 13 साल के बालक को परिवार की भूख मिटाने के लिए सब्जी का ठेला खींचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह  सच्चाई है हमीरपुर के कांशीराम कॉलोनी निवासी शनि की।
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उसके पिता दिल्ली की एक धागा फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। बड़ा भाई (20) भी दिल्ली में ही मजदूरी करता है। मां परिषदीय स्कूल में रसोइया हैं, जिनका हाल ही में आंख का ऑपरेशन हुआ है। पिता और भाई मजदूरी करके जो कमाते हैं उससे मां का इलाज और परिवार का पेट पलता है।
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लॉकडाउन के कारण पिता और भाई दिल्ली में फंस गए। घर पर शनि के साथ मां और तीन बहने और छोटा भाई हैं। शनि ने बताया मां इतना नहीं कमाती की हम सभी का पेट पल सके। अब तो वह काम पर भी नहीं जातीं। राशन के लाले पड़ने लगे हैं।

घर के हालात देख कक्षा आठ में पढ़ने वाले शनि ने काम करने की ठानी। उसने 50 रुपये किराये पर ठेला लिया और सब्जी मंडी में आढ़ती से उधार में सब्जी खरीदी और बेंचने लगा। शाम तक सब्जी बेचकर जो पैसा कमता है उससे अपने परिवार का पेट पाल रहा है।

शनि ने बताया कि, मैंने सब्जी कभी बेचने को नहीं सोची थी, लेकिन घर के हालात ही कुछ ऐसे हो गए थे जो सब्जी बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। मां की दवाएं कहां से आती हम लोग अपना पेट कैसे भरते। जबतक पिता और भाई मदद नहीं भेजते तबतक वह सब्जी बेचता रहूंगा। जब हालात सामान्य हो जाएंगे मैं स्कूल फिर जाने लगूंगा।
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