कानपुर यूनिवर्सिटी के रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम 2015-16 में 13 लाख 34 हजार स्टूडेंट शामिल होंगे। इसका आधिकारिक डाटा परीक्षा समिति ने सोमवार को जारी कर दिया। साथ ही 100 से कम स्टूडेंट वाले करीब 70 कॉलेजों का परीक्षा केंद्र बदलने का आदेश दिया। समिति ने कहा कि स्टूडेंटों की परीक्षा आसपास के कॉलेजों में कराई जाएगी।
परीक्षा समिति की आपात मीटिंग सोमवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता वाली मीटिंग में 1028 कॉलेजों के रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम एक साथ कराने का फैसला हुआ। एग्जाम 5 मार्च से 30 अप्रैल के बीच कराया जाएगा। इस बार 20 नए नोडल केंद्र बनाने का फैसला हुआ।
पिछली बार 109 नोडल केंद्र बने थे, इनकी संख्या अब 129 हो गई है। नोडल केंद्र और परीक्षा केंद्र के बीच की दूरी 20 किलो मीटर से ज्यादा नहीं है। एग्जाम हाल में सीसीटीवी कैमरा लगवाने में आनाकानी करने वाले आयुर्वेदिक कॉलेजों की 11 फरवरी से प्रस्तावित परीक्षाएं दोबारा स्थगित कर दी गईं।
नकल में फंसे बाबू सुखदेव लॉ कॉलेज रामादेवी कानपुर और सैनिक लॉ कॉलेज इलाहाबाद के लॉ कॉलेज को कोई राहत नहीं मिल सकी। परीक्षा समिति ने निरस्त परीक्षा पर फैसला नहीं लिया। साफ कहा कि पहले का आदेश बरकरार रखा जाएगा।
39 हजार घटे प्राइवेट छात्र
यूनिवर्सिटी के प्राइवेट परीक्षार्थियों की संख्या 39 हजार कम हो गई है। सत्र 2014-15 में जहां बीए, बीकॉम, एमए और एमकॉम के 1 लाख 27 हजार स्टूडेंटों ने पेपर दिया था, यही संख्या सत्र 2016-17 में 88 हजार रह गई है। इनकी परीक्षा 87 केेंद्रों पर कराई जाएगी।
यूनिवर्सिटी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्राइवेट परीक्षा का केंद्र अब राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में बनता है। इसलिए नकल नहीं मिल पाती है। इस कारण स्टूडेंट प्राइवेट की जगह रेग्युलर पढ़ाई पर जोर दे रहे हैं।