जानें क्या होती हिस्ट्रीशीट
अलग-अलग अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों की हिस्ट्रीशीट संबंधित थाना या कोतवाली में खोली जाती है। इसके बाद उन्हें हिस्ट्रीशीटर संख्या एलॉट कर दी जाती है। हिस्ट्रीशीटर को हर माह अपने थाने में हाजिरी लगानी पड़ती है। इतना ही नहीं अपराधिक घटनाएं होने पर भी पुलिस इन से पूछताछ करती है। इससे इतर सामाजिक तौर पर भी इन्हें संदेह की निगाह से देखा जाता है। जनपद में 70 साल से अधिक के 122 हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं, जो पिछले दस साल से किसी भी अपराधिक गतिविधि में संलिप्त नहीं रहे हैं।
इन सभी को पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने बृहस्पतिवार को कार्यालय बुलाया। 122 के सापेक्ष 102 लोग कार्यालय पहुंचे। इन सभी की हिस्ट्रीशीट बंद कर दी गई है। एसपी ने बताया कि इन सभी को बता दिया गया है कि न अब पुलिस बुलाएगी और न ही खुद से मासिक हाजिरी के लिए थाने जाना है। यह नसीहत भी दी गई है कि कोई ऐसा कार्य न करें कि फिर से पुलिस को कोई कार्रवाई करनी पड़े। पूरी प्रक्रिया के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तण्ड प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।