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गृहकर की नोटिस बढ़ा रही नगरवासियों की धड़कनें

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कानपुर देहात। अकबरपुर में बेहिसाब बढ़ाए गए गृहकर को लेकर लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि गृहकर निर्धारण का कोई मानक नहीं है। मनमाने ढंग से लोगों को नोटिस भेजी जा रही है। मकान पिता के नाम है तो टैक्स का नोटिस बेटे को दिया जा रहा है, जिससे नगर पंचायत प्रशासन की खामियां उजागर हो रही है। बढ़े हुए गृहकर के विरोध में सात दिसंबर को जनकपुरी मैदान में पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह गुड्डन की अगुवाई में लोग धरने में बैठेंगे। इसके बाद डीएम को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराएंगे। गृह कर वसूली में अनदेखी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बड़े मकान का कर कम आ रहा है, वहीं छोटे मकान का टैक्स ज्यादा है। ऐसे सैकड़ों मामले हैं। आरोप यह भी है कि कर निर्धारण में भेदभाव के मामले सामने आ रहे हैं, जिसका विरोध हो रहा है। वहीं गरीब लोग टैक्स के नाम से घबरा रहे हैं।
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वहीं इस संबंध में देवहूति पांडेय, ईओ नगर पंचायत अकबरपुर ने बताया कि स्वकर निर्धारण व्यवस्था है। अभी मकान मालिक जितना एरिया बता रहा है, उसी के अनुसार टैक्स लिया जा रहा है। मार्च के बाद नगर पंचायत की ओर से सत्यापन कराया जाएगा, अगर बढ़ा हुआ एरिया पाया गया तो टैक्स बढ़ाकर लिया जाएगा। वहीं, नगर पंचायत में जितने गांव नए वार्ड के रुप में जुड़े हैं। प्राथमिकता से वहां विकास कराया जा रहा है, चुनाव के बाद से अब 92 सड़कें नए वार्डों में ही बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री आवास लेने के लिए टैक्स की रसीद अनिवार्य थी, जिससे जनता के लोग रसीद की मांग कर रहे थे। जनता की मांग पर ही टैक्स जमा कराया जा रहा है और उन्हें रसीद दी जा रही है। अगर कहीं कोई त्रुटि हो रही है तो संज्ञान में आने में के बाद उसे ठीक कराया जाएगा।
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