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स्कूल को बना दिया आलू गोदाम

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फर्रुखाबाद। सरकारी शिक्षा व्यवस्था के जिम्मेदार निजी फायदे के लिए किसी भी हद तक नियमों को दरकिनार कर सकते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अपने स्कूल को ही आलू गोदाम बना दिया। नतीजतन पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था एक ही कमरे में सिमट गई। बीएसए के निरीक्षण में स्कूल के कमरे व रसोई में आलू भरा मिलने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया। निलंबित प्रधानाध्यापक को स्कूल में रोजाना उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने 24 अक्तूबर को मोहम्मदाबाद क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगला मना में स्कूल का निरीक्षण किया था। इस दौरान पंजीकृत 66 छात्रों के सापेक्ष 37 बच्चे उपस्थित मिले थे। साथ ही स्कूल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे थे। बकौल बीएसए स्कूल के रसोई कक्ष व अन्य कमरों में आलू भरा देखकर वह भौचक रह गए। जानकारी करने पर प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि यहां रखा आलू प्रधान का है। कमरे में आलू भरा होने के कारण बच्चे एक ही कमरे में पढ़ते मिले।


उन्होंने बताया कि बाहरी व्यक्तियों से साठगांठ कर प्रधानाध्यापक ने स्कूल कक्ष को आलू का गोदाम बना दिया। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ व दायित्वों की लापरवाही पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। बीएसए ने बताया कि निलंबन के दौरान अध्यापक को आधा वेतन दिया जाएगा व उन्हें अपने विद्यालय में रोज उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उन्होंने बताया कि किसी भी सूरत में शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। बीच-बीच में औचक निरीक्षण कर अन्य स्कूलों में भी संसाधनों को देखा जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि जहां कहीं भी कमी मिली, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल को बना दिया आलू गोदाम, प्रधानाध्यापक निलंबित
मोहम्मदाबाद के प्राथमिक विद्यालय नगलामना में बीएसए ने किया था निरीक्षण
प्रधानाध्यापक को रोजाना विद्यालय में उपस्थिति करानी होगी दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
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