उन्नाव। जिले की विभिन्न बैंकों के कर्ज तले दबे लाखों किसानों में से 74 हजार किसानों को अगस्त माह में कर्जमाफी की सौगात मिलना तय हो गया है।
पहले चरण में आधार यूनिक नंबर से लिंक किसानों को एक लाख रुपये का कर्ज माफ होगा। वहीं सरकार ने बिना आधार नंबर वाले खाताधारक किसानों को एक माह में आधार नंबर खाते में लिंक कराने की समय सीमा जारी की है। सरकार से गाइड लाइन जारी होते ही बैंक अधिकारी कर्जमाफी की तैयारी में जुटे हैं।
मालूम हो कि जिले के 1,13,62 किसानों पर बैंकों का 1401.3 करोड़ का फसली ऋण बकाया है। इनमें से 90 फीसदी लघु और सीमांत किसान शामिल हैं। सूबे की सरकार ने लघु व सीमांत कृषक के अलावा पांच एकड़ भूमि वाले किसान को ऋण माफी योजना में शामिल किया है।
जिनका अधिकतम एक लाख रुपये का फसली ऋण माफ होगा। सरकार ने बैंकों से किसानों का डाटा तलब करने के बाद ऋण माफी के तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। पहले चरण में आधार नंबर से लिंक केसीसी खातों को कर्जमाफी में शामिल किया है। इससे करीब 74 हजार किसानों का सवा सौ करोड़ का ऋण अगस्त माह के पहले हफ्ते में माफ किए जाने की हरी झंडी सरकार से मिल गई है।
बैंक अधिकारी ऋण माफी की तैयारी में जुट गए हैं। बिना आधार नंबर वाले खाताधारकों को सरकार ने एक माह का समय दिया है। इस दौरान खाताधारक को ‘आधार’ बनवाकर यूनिक नंबर खाते में लिंक कराना होगा। प्रक्रिया पूर्ण होते ही ऐसे खाताधारकों का सितंबर माह में कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा।
वहीं बिना भूमि के फसली ऋण लेने वाले किसानों को तीसरे चरण में शामिल किया गया है। इन किसानों का बैंकों ने स्थलीय निरीक्षण कर सत्यापन शुरू कर दिया है।
मुख्य सचिव ने मांगा लेखाजोखा: ऋण माफी के दायरे में आने वाले लघु एवं सीमांत किसानों और उन पर बकाये का लेखाजोखा मुख्य सचिव ने मांगा है। जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। अगस्त महीने के पहले सप्ताह में ‘आधार’ नंबर से लैस खाताधारकों को कर्ज माफी का लाभ मिलेगा।
सरकार की तरफ से बिना ‘आधार’ नंबर वाले किसानों को एक माह में आधार बनवाने का समय दिया जाएगा। खाते में आधार नंबर लिंक होते ही किसान को कर्जमाफी का लाभ सुनिश्चित कर दिया जाएगा। तीसरे चक्र में बिना भूमि के फसली ऋण लेने वाले किसानों का योजना का लाभ देने की गाइड लाइन मिली है। -एसपी साहा, लीड बैंक मैनेजर
पोर्टल पर होगा कर्जमाफी का ब्योरा: यूपी सरकार ने किसान कर्जमाफी घोषणा के साथ ही बैंकों को जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किए थे। मगर अब तक किसानों को कर्जमाफी लाभ न मिलन से ऊहापोह के हालात बन रहे हैं। किसान लगातार बैंकों व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसानों की समस्या को कम करने के लिए सरकार ‘यूपी किसान कर्ज राहत’ पोर्टल लांच करने जा रही है।
इस पोर्टल पर कर्ज माफी के दायरे में आ रहे किसानों के आधार नंबर और भूलेख का रिकार्ड संबधित जानकारी बैंकों की ओर से पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके अलावा किसानों का नाम, पता, कर्ज और कर्ज माफी का पूरा विवरण भी होगा। इससे किसानों को जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एलडीएम एसपी साहा ने पोर्टल को जुलाई के अंत तक आनलाइन अपडेट होने की पुष्टि की है।
-जिले के 1.3 लाख किसानों पर बकाया है 1401.3 करोड़ का फसली ऋण
-31 मार्च 2016 तक के लघु व सीमांत कृषकों को मिलेगा इसका फायदा
अमर उजाला ब्यूरो