कानपुर देहात। राष्ट्रीय लोक अदालत में वर्षों से अलग रह रहे 12 जोड़े संग रहने को राजी हुए। वहीं अन्य अदालतों में सुलह समझौते से 2,53,908 वाद निस्तारित किए गए। साथ ही 14, 50, 96, 141 रुपये की धनराशि अर्थदंड व क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाई गई। न्यायमूर्ति सुभाष चंद्र शर्मा, प्रशासनिक न्यायाधीश ने जनपद न्यायाधीश रवीन्द्र सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूपुर श्रीवास्तव, जिलाधिकारी कपिल सिंह, एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने राष्ट्रीय लोक अदालत एवं आर्बिट्रेशन की विशेष लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।
जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रविन्द्र सिंह द्वारा तीन वाद निस्तारण किए गए। प्रधान न्यायाधीश, प्रधान पारिवारिक न्यायालय कल्पना, शैलेंद्र निगम अपर प्रधान न्यायाधीश, अपर परिवार न्यायालय, द्वारा 72 वाद में 57 वादों का निस्तारण किया गया। 12 वैवाहिक जोड़ों को साथ रहने के लिए राजी कर विदा किया गया। शाजिया नजर जैदी, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 150 वाद में 45 का निस्तारण कर 4 ,73, 94, 000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। रजत सिन्हा, अपर जिला जज प्रथम/नोडल अधिकारी लोक अदालत ने नौ वाद में एक का निस्तारण कर 1,30,000 रुपये की वसूली कराई। रणविजय सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 12830 वाद में 3257 वाद निस्तारित कर 2,15,500 रुपये की वसूली की गई। इस तरह अन्य अदालतों में सुनवाई कर वाद निस्तारित किए गए।
आर्बिट्रेशन की विशेष लोक अदालत में लगाए गए 24 में एक का निस्तारण कर 1, 30, 000 रुपये की वसूली की गई। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कलक्ट्रेट में सुनवाई कर वाद निस्तारित किए। वहीं सभी छह तहसीलों में 13793 वाद में 13773 का निस्तारण किया गया। न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आने वाली घाटमपुर तहसील में 6778 व बिल्हौर द्वारा 8098 वादों का निस्तारण किया गया। इस तरह मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, पारिवारिक विवादों से संबंधित घरेलू हिंसा, व्यवहारिक वाद, उत्तराधिकार वाद, राजस्व वाद तथा लघु फौजदारी, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य लंबित वादों का निस्तारण करते हुए 2, 53, 908 वाद निस्तारित कर 14, 50, 96, 141 रुपये की धनराशि वसूल की गई। इस दौरान न्यायिक अधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।
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केस-1
सुलह समझौते से थामा हाथ
चौबेपुर के हरिओम का पत्नी रूबी निवासी बैकुंठपुर कानपुर से मनमुटाव हो गया था। दोनों की वर्ष 2012 में शादी हुई थी। अप्रैल 2022 से अलग रह रहे थे। परिवार न्यायालय में वाद चल रहा था। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कल्पना ने दोनों के बीच सुलह समझौता कर एक साथ रहने के लिए राजी कर दिया। दोनों हंसी-खुशी से साथ रहने के लिए चले गए।
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केस-2
एक साथ रहने पर बनी बात तो खिले चेहरे
रसूलाबाद के असालतगंज निवासी साइना बानो ने उन्नाव निवासी पति नसीम से मनमुटाव होने पर परिवार न्यायालय में गुजारा भत्ता के लिए वाद दाखिल किया था। दोनों की वर्ष 2021 में शादी हुई थी और फरवरी 2023 से अलग रह रहे थे। न्यायालय ने काउंसलिंग कर दोनों के बीच समझौता करा दिया। इस पर दोनों के चेहरे पर मुस्कान नजर आई। दोनों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया और घर चले गए।
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केस-3
फतेहपुर जिले की सोमवती का मूसानगर निवासी पति गोविंद से मनमुटाव चल रहा था। दोनों की शादी वर्ष 2016 में हुई थी। काफी समझाने के बाद भी दोनों के बीच बात नहीं बन रही थी। इस पर पारिवारिक न्यायालय ने दोनों की काउंसलिंग कर उन्हें साथ रहने के लिए रजामंद किया और राष्ट्रीय लोक अदालत में एक साथ विदा कर दिया। इस पर दोनों खुश नजर आए। दोनों के बच्चे भी साथ चले गए।