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किसान ने जहर पीकर दी जान

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अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। नदी की तलहटी पर रेत में सब्जी बोकर गुजर-बसर करने वाले मजदूर पेशा केवट ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। भीषण गर्मी के चलते रेत में सब्जी न होने पर वह कुछ दिनों से साइकिल पर बालू की बोरियां ढोकर शहर में बेचकर परिवार पाल रहा था। आत्महत्या की वजह परिवार वाले नहीं बता पाए हैं। उधर, अन्य घटनाओं में अलग-अलग दो युवतियों ने जहर खा लिया।

सदर तहसील क्षेत्र में शहर कोतवाली अंतर्गत केन नदी किनारे स्थित ग्योड़ी बाबा गांव में रामप्रताप निषाद (58) पुत्र छोटा निषाद ने रविवार को दोपहर जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए। यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
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मृतक के पुत्र भइयाराम ने बताया कि रविवार को सुबह पिता बालू बेंचकर लौटे और साइकिल घर में खड़ी करके नदी नहाने चला गया। वहां बारी (खेत) में रखी कीटनाशक पी लिया। घर आते ही हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल लाए यहां कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।

भइयाराम ने पिता के बारे में बताया कि नदी किनारे सात बीघा जमीन में सब्जी की बारी लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। इस साल तेज धूप और नदी में पानी कम होने से सब्जी की पैदावार बंद हो गई। इस पर रामप्रताप बालू की भरी बोरी साइकिल में रखकर शहर ले जाकर बेचता था। घर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। मृतक के पांच लड़के व चार लड़कियां हैं। इनमें दो बेटियों व दो बेटों की शादी हो चुकी है। घटना की वजह परिजन नहीं बता सके। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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दूसरी घटना में शहर के गूलरनाका निवासी कविता (20) पत्नी धमेंद्र और बबेरू के परसौली गांव में प्रीति (24) पत्नी भोले ने शनिवार की रात अपने-अपने घर में जहर खा लिया। घटनाओं की वजह नहीं पता चल सकी।

रेत में सब्जी उगाने वाले किसान ने की आत्महत्या
खेत में कीटनाशक पी, जिला अस्पताल में मौत
गर्मी में सब्जी न होने पर बालू बेचकर कर रहा था गुजारा
आत्महत्या की वजह नहीं बता पाए परिजन
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