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एक ही घाट पर सजीं मां और बेटे की चिताएं

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घाटमपुर (कानपुर)। बीते मंगलवार की सुबह क्षेत्र के यमुनापट्टी के गांव कोटरा (मकरंदपुर) में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली मां और उसके बेटे की चिताएं एक ही घाट पर सजाई गईं। इधर, दुखी परिवार का हालचाल जानने के लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि पहुंचा और न ही कोई अधिकारी।
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थाना सजेती के कोटरा (मकरंदपुर) गांव निवासी रामनाथ निषाद की पत्नी जनकदुलारी (65) ने बहू से विवाद के बाद मंगलवार की सुबह गांव के बाहर आम के पेड़ पर साड़ी का फंदा बांधकर आत्महत्या कर ली। वहीं, पीछे से मां की खोज करते पहुंचा उसके पुत्र सरवन (23) भी उसी पेड़ की दूसरी डाल में अंगौछे का फंदा बांधकर फांसी पर झूल गया था। पुलिस ने मां-बेटे के शवों का मंगलवार को पीएम कराने के बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। गांव के प्रधान सुबेदार सिंह ने बताया कि शाम को मां-बेटे के शव गांव आ गए थे। रात होने और मृतका जनकदुलारी के एक बेटे के बाहर होने से मंगलवार को अंतिम संस्कार नहीं हो पाया।
गांव निवासी हरनाथ सिंह परमार एडवोकेट और पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि जनकदुलारी का एक बेटा सूबेदार निषाद सूरत (गुजरात) में मजदूरी करता है। हादसे के बाद सूचना भेजी गई थी। लेकिन, दुर्भाग्य से ट्रेन लेट हो जाने के चलते रास्ते में फंस गया। उसका फोन आने के बाद परिजनों और गांववालों ने मां-बेटे के शवों को गांव के बाहर यमुना नदी के घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। बताया कि जिस समय एक ही घाट पर मां-बेटे की चिताएं जलीं तो लोगों की आंखें नम हो गईं।
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