फर्रुखाबाद। जमीन उपलब्ध न होने से छह नए उपकेंद्रों के निर्माण लटक गया है। प्रस्ताव मंजूर होने दो साल बाद भी प्रशासन उपकेंद्रों के निर्माण के लिए जमीन मुहैया नहीं करा पाया। इससे प्रबंध निदेशक कार्यालय से भी अनुमोदन नहीं मिल रहा है। जमीन के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग में पांच माह से पत्राचार हो रहा है।
ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिले में छह नए विद्युत उपकेंद्राें का निर्माण होना है। निर्माण से अन्य उपकेंद्रों के बडे़ फीडरों से ओवरलोडिंग कम करने के लिए नए उपकेंद्रों में तार जोड़कर ग्रामीण इलाकों को बिजली दी जाएगी। इससे झूलते तारों व आए दिन फाल्टों की समस्या कुछ हद तक दूर हो जाएगी।
इसके लिए बिजली विभाग के अधिकारियों ने नवंबर 2017 में छह नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण कराने को विद्युत कारपोरेशन अध्यक्ष को प्रस्ताव बनाकर भेजा। अध्यक्ष ने उपकेंद्र निर्माण को प्रशासन से जमीन प्राप्त कर प्रस्ताव भेजने पर स्वीकृति दिए जाने की शर्त रखी। विभागीय अधिकारियों ने जिलाधिकारी के पास जमीन उपलब्ध
करवाने को पत्राचार शुरू किया। बिजली विभाग ने जिन गांवों में जमीन मांगी, वहां पर प्रशासन ने उचित जमीन होने से इनकार कर दिया था। इसके बाद लगातार जमीन को बिजली विभाग से प्रशासन को पत्राचार हो रहा है। पांच माह का समय गुजर जाने के बाद अभी तक उपकेंद्रों के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। अब बिजली विभाग के अफसरों ने 1200 वर्ग मीटर जमीन हीं सड़क किनारे उपलब्ध करवाने को प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को भेजा है। ताकि उपकेंद्रों का निर्माण हो सके और ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो सके।
- ग्रामीण खंड फर्रुखाबाद-कमालगंज ब्लाक के गांव ज्यौता, रजीपुर और बढ़पुर ब्लाक के गांव रमन्ना गुलजारबाग में प्रस्तावित है।
- कायमगंज डिवीजन क्षेत्र- ब्लाक कायमगंज क्षेत्र के गांव सुल्तानगंज खरैटा, नवाबगंज ब्लाक के गांव अचरा और अटसैनी गांव में उपकेंद्र निर्माण को प्रस्तावित है।
छह नए उपकेंद्रों का निर्माण होने पर पुराने उपकेंद्रों की लंबी लाइनों वाले फीडरों की लाइन काट कर जोड़ दी जाएगी। इससे तेज हवा और बरसात होने पर 11 हजार लाइन में आने वाले फाल्टों को खोज कर दूर करने में आसानी रहेगी। ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या भी खत्म हो जाएगी। फीडरों की लाइन भी छोटी हो जाएगी। ग्रामीणों की समस्याओं का जल्द समाधान होगा। इसके अलावा फीडरों के ओवरलोड की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
जमीन मिलने पर उपकेंद्र निर्माण को स्वीकृति मिलेगी। जिलाधिकारी को प्रस्तावित गांवों में सड़क किनारे 1200 वर्ग मीटर प्रति उपकेंद्र के निर्माण के लिए सरकारी जमीन दिलाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जमीन मिलते ही पत्रावली स्वीकृति के लिए प्रबंध निदेशक के पास भेज दी जाएगी। रमेश चंद्रा, एक्सईएन ग्रामीण
छह उपकेंद्रों का निर्माण अधर में
ग्रामीण इलाकों की विद्युत आपूर्ति सुधार को लग रहा झटका
जमीन के लिए विभागों में नवंबर 2017 से चल रहा पत्राचार
अमर उजाला ब्यूरो