उन्नाव। केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत से अपात्रों को चिह्नित कर उनके नाम की अलग से सूची तैयार की जाएगी। जिलाधिकारी की निगरानी में अपात्रों का सत्यापन होगा। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने आदेश जारी कर कहा है कि योजना का लाभ सिर्फ पात्र परिवारों को ही मिलना चाहिए।
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना में सर्वेक्षण 2011 के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया गया है। योजना में ग्रामीण क्षेत्र में 2.15 लाख व शहरी क्षेत्र में 38 हजार परिवारों को सूचीबद्ध किया गया था। जिसमें कई अपात्र भी शामिल कर लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार 2011 के सर्वेक्षण के बाद तमाम परिवार गरीबी के मानदंड से बाहर आ चुके हैं। ऐसे में अब वह इस योजना के हकदार नहीं है। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिलाधिकारी अपने स्तर से अपात्रों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर करें। शासन ने पात्रता के नए मानदंड की एक सूची भी स्वास्थ्य विभाग व जिलाधिकारी को भेजी है।
सरकारी वेतनभोगी भी हैं सूची में शामिल
दो माह पूर्व सीएमओ कार्यालय में तमाम ऐसी शिकायतें पहुंची थी जिनमें सरकारी वेतनभोगियों को योजना का लाभ मिलने की बात कही गई थी। शिकायत में स्वास्थ्य विभाग में तैनात एक चालक के परिवार का भी जिक्र किया गया था। इसके अलावा शिक्षक व पक्के मकान वालों के नाम को सूची से बाहर करने की शिकायत भी जिलाधिकारी तक पहुंच चुकी हैं।
नए मानदंड होंगे लागू
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो सरकारी वेतनभोगी, आयकर व प्रोफेशनल टैक्स दाता, ढाई एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि के मालिक हैं उन्हें पात्रता सूची से बाहर किया जाना है।
आदेश मिलने पर होगी कार्रवाई
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डा. जेआर सिंह ने बताया कि उन्हें अभी आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद अपात्रों का चयन कर उन्हें सूची से बाहर किया जाएगा।
-प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने दिए आदेश
-अब सिर्फ पात्र परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ