फतेहपुर। व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में दूसरे कारोबारी की हत्या कर देने के मामले में अदालत ने पिता-पुत्रों समेत पांच हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चार साल से अदालत में विचाराधीन मामले में गुरुवार को अदालत ने यह फैसला सुनाया।
मामला 27 मार्च 2014 शाम थरियांव थानाक्षेत्र के हसवा कस्बे का है। अधिवक्ता के मुताबिक अमरनाथ व राकेश कुमार की बर्तन और सराफा की दुकान थी। गांव के ही अंबिका सोनी और उनके पुत्रों हिमांशु सोनी, पम्मू सोनी और रिश्तेदार पप्पू सोनी से उनकी व्यापारिक प्रतिस्पर्धा चल रही थी। कारोबार में राकेश कुमार और अमरनाथ को बढ़ता देख दूसरे पक्ष ने उनके घर में चढ़कर धावा बोल दिया था। सोनी परिवार के साथ नंदू सिंह नाम का व्यक्ति भी शामिल था।
इन सभी ने मिलकर राकेश के पिता अमरनाथ पर चापड़ से हमला किया था। इस हमले में अमरनाथ की मौत हो गई थी। तबसे मामला अदालत में विचाराधीन चल रहा था। गुरुवार को प्रकरण की सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत गिरी ने वादी के अधिवक्ता देेवेंद्र सिंह भदौरिया और सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव की दलीलों और साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। अदालत ने हत्या के अभियुक्त अंबिका सोनी, उनके पुत्र हिमांशु सोनी और पम्मू सोनी तथा पप्पू सोनी और नंदू सिंह को जेल भेज दिया। न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ ही 52-52 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा मुकर्रर की है।
जैसे ही अदालत ने हत्या के मामले में अपना फैसला सुनाया तो पुलिस पांचों हत्यारों को जेल ले जाने के लिएवाहन में बिठाने लगी। हालांकि अदालत से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद भी पिता-पुत्रों समेत पांचों लोगों के चेहरे पर किसी तरह की शिकन नहीं आई। इनमें से तो एक हत्यारा हाथ में हथकड़ी पड़ी होने के बाद भी सिपाही की मदद से अदालत परिसर के बाहर मजे से सिगरेट पीता नजर आया।
- चार साल से अदालत में विचाराधीन था मामला
- कारोबारी प्रतिस्पर्धा के चलते पांचों ने की थी हत्या