फर्रुखाबाद। पांच जिलों में बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू है। आंदोलन को धार देने के लिए कर्मचारियों ने चेकिंग अभियान और राजस्व वसूली का काम भी ठप कर दिया है। राजस्व वसूली न होने से विभागीय संकट खड़ा होना तय है।
प्रदेश सरकार ने पांच जिलों में बिजली वितरण का निजीकरण कर दिया है। निजीकरण को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संगठन, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ, विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ और राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संघ विरोध कर रहा है। कई दिनों से सभी संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता
प्रतिदिन दोपहर बाद तीन से पांच बजे तक काम बंद कर प्रदर्शन करते हैं। विरोध को उग्र रुप देने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों ने बिजली चोरी रोको अभियान को ठंडे बस्ते पर डाल दिया है। अब जेई टीम ने साथ क्षेत्र में बकायेदारों से राजस्व वसूली और उनके कनेक्शन कटवाने को जाना बंद कर दिया है। इस कारण
बिजली चोरी रोको अभियान और राजस्व वसूली पर विराम लग गया है। एसडीओ राहुल बाबू कटियार ने बताया कि संगठन के निर्णय पर यह कदम उठाया गया है। शाम पांच बजे के बाद विद्युत लाइन में फाल्ट आने पर उसे ठीक करने का काम भी बंद कर दिया गया है।
चेकिंग अभियान, राजस्व वसूली बंद
पांच जिलों में बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने का विरोध
कर्मचारियों ने दी चेतावनी, शाम पांच बजे के बाद फाल्ट भी ठीक नहीं किए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो