अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। दलित बालिका के साथ दुराचार में अदालत ने अभियुक्त को 15 साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। पास्को व एससी एसटी एक्ट में भी सजा दी गई है। इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
कमासिन थाना क्षेत्र की बालिका ने थाने में दी गई तहरीर में कहा था कि 23 मई 2013 को वह गांव से कुछ दूर नाले में अपनी भैंस को पानी पिलाने गई थी। तभी पछौंहा गांव निवासी कृष्णकांत द्विवेदी ने तमंचा दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। एसपी के आदेश पर 9 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज की गई । विवेचना अधिकारी क्षेत्राधिकारी कृष्णचंद्र सिंह ने घटना झूठी बताकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर पीड़ित द्वारा दाखिल की गई विरोध याचिका पर अदालत ने फाइनल रिपोर्ट खारिज कर आरोपी को तलब कर कर लिया। हाईकोर्ट से भी राहत न मिलने पर आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश कैप्टन डीपीएन सिंह की अदालत में सुनवाई दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता शिवभूषण वर्मा व सहायक शासकीय अधिवक्ता विमल सिंह ने सात गवाह पेश किए। गुरुवार को फैसले में सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर 2-2 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी । एससी एसटी एक्ट में 2 साल की अतिरिक्त कैद व धारा 506 में एक माह की कैद की सजा हुई। कैदी जेल में है।