अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। कन्नौज ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पिछले दो दिनों से जारी उठापटक के बाद जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री/स्वास्थ्य/चिकित्सा राज्यमंत्री संदीप सिंह से भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मिला और उनको पूरे मामले से अवगत कराया। हलांकि इस बातचीत के दौरान मीडिया से लेकर एलआईयू के अफसरों तक को कमरे के अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी गई। सूत्रों का कहना कि मंत्री ने पूरे मामले से अवगत होने के बाद सभी को अश्वस्त किया कि वह हाईकमान के समक्ष इस मामले को रखेंगे। जिसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
विदित हो कि कन्नौज ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी सदस्य ने जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के लिए हलफनामे सौंपे थे। हलांकि जिलाधिकारी ने सौंपे गए हलफनामों के बीडीसी व डीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर कराए जाने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन कोई भी सदस्य हस्ताक्षर के लिए नहीं पहुंचा। उधर सपा ने सौंपे गए हलफनामों में तीन जिला पंचायत सदस्य व 29 बीडीसी सदस्यों को जिलाधिकारी के समक्ष पेश करके उन हलफनामों को फर्जी ठहराया। आंकड़ो की गणित में फेल होती दिख रही भाजपा ने प्रभारी मंत्री के जिले के दौरे पर आने पर पूरा मामला उनके समक्ष रखा। बंद कमरे में हुई मीटिंग के दौरान राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, भाजपा नेता महेश चंद्र शास्त्री, आशीष कुमार, वीर सिंह भदौरिया, अवधेश राठौर, विपुल दुबे सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे। मंत्री ने आश्वास दिया कि वह चिंतित न हों वह मामले से हाईकमान को अवगत कराएंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
कन्नौज। जिला पंचायत अध्यक्ष शिल्पी संजू कटियार ने प्रशासन की न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। जिला पंचायत में अविश्वास लाने के लिए सोलह सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त हलफनामे पेश किए गए। इस दौरान महज छह जिला पंचायत सदस्य ही उपस्थित हुए। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उधर सोलह सदस्यों में तीन ने अविश्वास में असहमति व्यक्त कर दी है। ऐसे में अविश्वास की प्रक्रिया उसी दिन निरस्त हो जानी चाहिए थी। जांच तो उन सदस्यों की होनी चाहिए जो जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुए है।
हाईकमान को मामला पहुंचाने की घुट्टी देकर चले गए प्रभारी मंत्री
-सर्किट हाउस के बंद कमरे में पदाधिकारियों से समझा पूरा मामला
-बीडीसी व डीडीसी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर जाना बहुमत