अब हथनापुर के लोग मोबाइल चार्ज करने नहीं जाएंगे दूसरे गांव
औरैया। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित बिधूना ब्लाक केमजरा हथनापुर में 10 दिन पहले पहुंची बिजली ने जिंदगी की रंगत बदल दी है। कुछ लोग बिजली पहुंचते ही टीवी खरीद लाए हैं तो कुछ ने घर में पंखा लगा लिया है।
कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो फ्रिज व अन्य बिजली चालित उपकरण खरीदने की तैयारी में हैं। महिलाएं प्रफुल्लित हैं कि अब उन्हें ढिबरी की रोशनी में रोटी नहीं बनानी पड़ रही है। नौजवानों में इस बात की खुशी है कि मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव नहीं जाना पड़ेगा।
बिधूना ब्लाक के ग्राम पंचायत बरका पुरवा की दूसरी ग्राम सभा है हथनापुर। करीब 1088 आबादी वाले इस गांव में 10 दिन पहले विद्युतीकरण हुआ है। बिजली के तार खिंचते ही गांव की तस्वीर बदलने लगी है। लोगों के घरों से लेकर जानवरों के बांधने वाले बाड़े तक तार खिंच गए हैं और उसमें दूधिया बल्ब टंगे हैं। मुख्य सड़क से करीब आधे किलोमीटर लिंक मार्ग पर चलने के बाद हथनापुर गांव आता है।
जानवरों को चारा डाल रहे 55 साल के विजय शंकर गांव में बिजली आने की बात पर मुस्कुराते हैं। कहते हैं कि बिजली आई इसकी खुशी है, लेकिन विभागीय अफसरों की गलती गलफांस भी बन गई है। सप्ताहभर में ही मनमानी तरीके से बिजली का बिल थमा दिया गया है। अब अफसर गलती दुरुस्त कराने की दुहाई दे रहे हैं। उनकी बात को काटते हुए बगल में खड़ा 17 साल का शंकर कहता है कि बिजली आने से फायदा तो हुआ है।
अब घर में मोबाइल चार्ज हो जाएगा। उसके पिता एक निजी कंपनी में काम करते हैं। तनख्वाह मिलने पर टीवी खरीदने का आश्वासन दिया है। शंकर की तरह ही यहां के दूसरे ग्रामीण भी बिजली आने से बाद अपनी योजना बनाने में जुटे हैं। कोई सबमर्सिबल लगवाने की सोच रहा है तो कोई आटा चक्की का जुगाड़ कर रहा है। गांव के सुखलाल का कहना है कि वह तो आज लौ जाने ही नाहि की बिजली का सुख का होत है।
अब बिजली आई है तो टीवी और फ्रिज लेवे। वहीं सोनकली कहती है कि चलो अब बच्चों को लालटेन और ढिबरी के सहारे नहीं पढ़ना पड़ेगा। इन दिनों इस इलाके में शाम होते ही बिजली आ जाती है। इस वजह से भी खुशहाली दोगुनी है। यहां कटौती दिन में हो रही है। प्रधान सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि 2015 में नए परसीमन में बरका पुरवा नई ग्राम पंचायत बनी है। इससे पहले यह गांव असजना ग्राम पंचायत में आता था। पहले बड़ी आबादी वाले मजरों में विद्युतीकरण हो गया था। 2008 में बरका पुरवा में हुआ। अब हथनापुर गांव में हुआ है।
- बिजली आई तो बदली जिंदगी की रंगत
- किसी ने टीवी लगाया तो कोई खरीद लाया पंखा