कानपुर में बाहर से आए श्रमिकों के रोजगार को लेकर स्थानीय स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को महानगर, देहात और उन्नाव क्षेत्र के एमएलसी अरुण पाठक ने मुख्य विकास अधिकारी सहित विकास भवन के सभी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इसमें बताया गया कि बाहर से कुल 11,000 प्रवासी श्रमिक वापस लौटे हैं इनमें से 7000 अकुशल और 4000 कुशल श्रमिक हैं। इन सभी को उनकी योग्यता के अनुसार काम देने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। बताया गया कि कुशल-अकुशल श्रमिकों को आईटीआई के जरिए प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।
बाहर से आए मजदूरों में करीब 1000 महिला मजदूर हैं। फिलहाल तय किया गया है कि अकुशल मजदूरों को मनरेगा में और महिला मजदूरों को मेड के रूप में काम दिया जाए। जिन प्रवासी मजदूरों के पास आवास नहीं है, उनको आवास योजना में जोड़ा जाए।
शौचालय और राशन कार्ड दिया जाए। इस दौरान अरुण पाठक ने बताया कि महानगर में 2515 हैंडपंप रिबोर ग्रामीण इलाकों में होना निश्चित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र में 12 पानी टंकियां अपनी पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर रही हैं, उनकी कार्य क्षमता एक हफ्ते के अंदर बढ़ाई जाए।
पेंशन का सत्यापन 15 जून तक हर हालत में पूरा कर लिया जाए। सरकार की युवा योजना जिसमें मछली पालन करने वालों के तालाब को मनरेगा के तहत दो लाख की छूट दी गई है, उनको वरीयता दी जाए। जो किसान फलदार वृक्षों की खेती करना चाहते हैं उनको भी मनरेगा के तहत दो लाख की छूट का प्रावधान है।