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Kanpur News: हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के 11 रोगी आए, दो मौत

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हैलट ओपीडी में दवा लेते लोग।  - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। मौसम के उतार-चढ़ाव से ब्रेन स्ट्रोक के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार रात नौ बजे तक हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के 11 रोगी भर्ती हुए। इनमें सात की मस्तिष्क की नस फटने से हेमरेज हो गया। ब्रेन हेमरेज के दो रोगी हैलट इमरजेंसी ब्रॉट डेड पहुंचे। उन्हें नर्सिंगहोमों से रेफर किया गया था। रविवार को भी ब्रेन स्ट्रोक के सात रोगी आए थे। इसमें तीन को हेमरेज हुआ था। इसके अलावा लिवर और गुर्दा फेल होने के रोगी भी भर्ती हुए। मेडिसिन की दो ओपीडी में रोगियों की संख्या 500 पार हो गई।
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हैलट इमरजेंसी की मेडिसिन यूनिट में सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक 46 रोगियों को भर्ती किया गया। ब्रेन स्ट्रोक और हेमरेज के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि स्थिति चिंता में डालने वाली है। ठंड अभी पड़ी नहीं और ब्रेन स्ट्रोक और हेमरेज के रोगियों की संख्या एकदम से बढ़ने लगी है। लोग बीपी की दवा बीच में छोड़ देते हैं इसके अलावा दवा की खुराक दुरुस्त नहीं कराते इससे बीपी एकदम से बढ़ जाता है। इसके अलावा लिवर और गुर्दा फेल तथा बुखार, टीबी मेनिनजाइटिस, अस्थमा, हाई ब्लड शुगर लेवल के रोगी भर्ती हुए हैं।

कल्याणपुर के नर्सिंगहोम में इलाज करा रहे ब्रेन हेमरेज के रोगी राजेश (55) और नौबस्ता के एक नर्सिंगहोम में भर्ती रोगी जगदंबा प्रसाद (61) की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर इन्हें हैलट रेफर किया गया था। परिजनों ने बताया कि रास्ते में ही उनकी सांस रुक गई। न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के 30 से 40 फीसदी रोगी अस्पताल नहीं पहुंच पाते। डॉ. कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में सबसे अधिक रोगी वायरल फीवर के रहे हैं। इसके बाद पेट की खराबी के रोगी आए।
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