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पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या

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अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। अजगैन कोतवाली क्षेत्र की ग्रामसभा नवई के मजरे आंट में पांच दिन पहले हुई युवक की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। रविवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है। जांच कर रही स्वाट व सर्विलांस टीम मृतक का मोबाइल सर्विलांस पर लगाकर हत्यारों तक पहुंची। मृतक के बेटे ने मां के अवैध संबंधों की बात भी पुलिस को बताई है।


आंट गांव निवासी जय सिंह की 19 सितंबर की रात हत्या कर दी गई थी। शव घर के पीछे खेत में फेंक दिया गया था। पत्नी रश्मी सिंह ने 20 सितंबर को गांव के ही पिता-पुत्र सहित चार लोगों के खिलाफ पुरानी रंजिश में हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। एसपी हरीश कुमार ने घटना के खुलासे के लिए स्वाट व सर्विलांस टीम को लगाया था। जांच में जुटी पुलिस ने मृतक के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया। सीडीआर की डिटेल में कहानी उल्टी निकली। जय सिंह की हत्या उसकी पत्नी ने गांव के ही प्रेमी गुड्डू के साथ मिलकर की थी। जांच में पुलिस को पता चला कि 11 साल तक जय सिंह, रश्मि व बच्चों के साथ गुूड्डू के मकान में किराए पर रहा। वहीं दोनों में प्रेम संबंध हो गए।
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तीन साल पहले ही जय सिंह ने अपना मकान बनवा लिया था। जय सिंह कैटरिंग का काम करता था। इससे वह अक्सर गांव से बाहर चला जाता था। नशे का लती होेने से से मारपीट करता था। पति के घर से जाने के बाद प्रेमी गुड्डू व रश्मि मिलते थे। जानकारी होने पर जय सिंह ने इसका विरोध किया। इससे दोनों ने उसकी हत्या की योजना बना डाली। 19 सितंबर की रात जय सिंह शराब के नशे में घर आया। पत्नी रश्मि ने प्रेमी गुड्डू को फोन कर घर बुलाया। पत्नी रश्मि ने पति का मुंह दबाया और प्रेमी गुड्डू ने उसके पेट पर लात-घूंसों से कई वार कर दिए। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई। तभी पत्नी ने सिर लोहे की चारपाई पर पटक दिया। इससे उसकी मौत हो गई। दोनों ने शव उठाकर घर के पीछे खेत में फें क दिया। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रविवार को पुलिस लाइन में एसपी हरीश कुमार ने हत्यारोपियों को सामने लाकर घटना का खुलासा किया।
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जांच के लिए भेजा चारपाई का पाया व मिट्टी
एसपी हरीश कुमार ने बताया कि जांच के दौरान चारपाई का पाया उठा मिला था। उसमें खून के धब्बे लगे हुए थे। दोनों चीजों को जांच के लिए लैब भेजा गया था। जांच में इसका खुलासा हुआ है। जय सिंह चौहान बड़ा कारीगर था। इसी बीच उसने कैटरिंग का काम डाला। बांदा में उसे काम मिला और सफल रहा। इससे वह परिवार से दूर रहने लगा था।

लखनऊ में रहने वाली बुआ के पास रहेंगे बच्चे
पिता जय सिंह चौहान का साया उठने व मां के जेल जाने के बाद तीन बच्चों की परवरिश लखनऊ में रहने वाली बुआ करेंगी।
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