कानपुर देहात। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीबी रोगी खोजो अभियान एक बार फिर शुरू किया जा रहा है। जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर इसके लक्षण बताकर रोगियों को चिह्नित करेंगे। यह अभियान 19 जून से शुरू हो रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. ज्ञानेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत इस अभियान की शुरुआत फिर 19 जून से की जा रही है। यह 29 जून तक चलेगा। इसके पहले मई में यह अभियान चलाया जा चुका है। कोई क्षय रोगी छूटे न इसके लिए सरकार प्रयासरत है। इस अभियान में जिले में 80 टीमें लगाई जाएंगी। जिले की आबादी के दस फीसदी हिस्से दो लाख पांच हजार आठ सौ बारह लोगों की घर-घर जाकर जांच की जाएगी। जिसमें टीबी के लक्षण उन्हें बताए जाएंगे। अगर किसी में लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें चिह्नित कर उपचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार दो सप्ताह खांसी आना, बलगम आना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। बुखार रहना, भूख न लगना, वजन कम होना आदि लक्षण पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति की जांच कराई जाएगी। टीम के पर्यवेक्षण के लिए 16 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। सभी दस ब्लॉकों में यह अभियान चलेगा।
क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीमों को नियमानुसार सघन परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई इसमें लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि टीबी रोग का उपचार पूरी तरह से संभव है। इसके लिए छह से नौ माह तक लगातार दवा खानी पड़ सकती है। दवा बीच में बंद नहीं होनी चाहिए। अनियमित उपचार लेने वालों पर दवा कारगर नहीं होती है। डाक्टर की सलाह के बाद ही दवा बंद करनी चाहिए।