अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। अवैध खनन का मामला प्रशासन के गले की फांस बन गया है। लेखपाल और कानूनगो के सस्पेंड होने के बाद इस प्रकरण में संलिप्त अन्य सरकारी लोगों की पड़ताल हो रही है। एसडीएम खागा ने डीएम कुमार प्रशांत के सामने पेश होकर मामले पर दलीलें पेश कीं।
पांच दिन पहले डीएम कुमार प्रशांत ने एसपी श्रीपर्णा गांगुली के साथ धाता थाना क्षेत्र के रानीपुर घाट में छापा मारा था। इस छापेमारी में अवैध खनन का खुलासा होने पर स्थानीय पुलिस व प्रशासन पर सीधे आंच आई। मामला शासन तक पहुंचने के बाद इस प्रकरण में संलिप्त सरकारी लोगों पर कार्रवाई की कवायद शुरू हो गई।
इसकी जद में फिलहाल अभी तक हल्का लेखपाल और कानूनगो आ चुके हैं, जिन्हें निलंबित किया जा चुका है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस, प्रशासन के साथ खनन विभाग के अफसर से स्पष्टीकरण मांगा है।
पूरे मामले में जिस प्रकार तहसील स्तरीय पुलिस व प्रशासन के अफसर एक-दूसरे से दूर नजर आ रहे हैं, उससे यह साफ हो रहा है कि खुद को सुरक्षित करने की ज्यादा कवायद हो रही है। डीएम कुमार प्रशांत पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रहे हैं। एसडीएम अमित भट्ट शुक्रवार की देरशाम डीएम कुमार प्रशांत से मिलने पहुंचे। उन्हें बुलाया गया था।
डीएम ने खनन से जुड़े हर बिंदु पर बात की। डीएम ने बताया कि अवैध खनन नहीं करने दिया जाएगा। इस काम में परोक्ष और अपरोक्ष रूप से जो भी सहयोग करता मिलेगा। उस पर कार्रवाई होगी।
खनन प्रकरण में एसडीएम तलब
डीएम के समक्ष पेश होकर दी जानकारी