अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज।
रेलवे अधिकारियों की उदासीनता के चलते कानपुर-फर्रुखाबाद रूट पर करीब दो माह पहले रेलवे की क्रासिंगों पर पैचिंग के बाद उन्हें बेहाल अवस्था में छोड़ दिया गया है। इससे प्रतिदिन पटरियों के बीच में फंसकर दो पहिया वाहन गिर रहे हैं और राहगीर चुटहिल हो रहे है। यही नहीं आए दिन क्रासिंग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। क्षेत्र के लोगाें को दिन भर इससे जूझना पड़ता है। एप्रोच मार्ग के बीच में पड़ी गिट्टी भी अब अपनी जगह छोड़ चुकी है। इससे करीब आधा-आधा फुट गहरे गड्ढे पटरी के बीच में हो गए हैं। अब बड़े चार पहिया वाहनों के निकलने से रेलवे की मुख्य पटरी व सपोर्टर पटरी को भी नुकसान पहुंच रहा है। जानकारों की मानें तो ऐसे ही रहा तो पटरियां भी अपनी जगह से हट सकती है। जिससे हादसे की संभावनाएं बढ़ जाएगी।
क्या है, सपोर्ट पटरी
रेलवे लाइन पर हर क्रासिंग पर एक मुख्य पटरी के साथ समानांतर एक पटरी लगाई जाती है। ये सपोर्ट पटरी हमेशा मुख्य पटरी से करीब एक इंच नीचे रहती है। इससे क्र ासिंग से गुजरने वाले वाहन सपोर्ट पटरी पर चढ़कर आगे चले जाते हैं और मुख्य पटरी पर किसी भी तरह का लोड नहीं आता है।
पटरियों को अभी किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। फिर भी एक बार सभी क्रासिंग पर लाइन की जांच कराई जाएगी। समतलीकरण के लिए संबंधित अधिकारी से कहा गया है।
रवींद्र कुमार, पीडब्लूआई, रेलवे, कन्नौज
बोले आईडब्लू
सभी क्रासिंग पर पैचिंग के बाद समतलीकरण काम जल्द ही किया जाना था। इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया भी हुई। एक ठेकेदार का चयन कर उसे काम सौंपा गया है। लेकिन वह अभी तक काम करने नहीं आ रहा है। उसे विभाग की ओर से कई नोटिस भी दिए जा चुके है। ट्रैक में किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए गिट्टी भरवाई जा रही है। जहां से गिट्टी खिसक गई है, वहां फिर से भरवाई जाएगी। जल्द ही समतलीकरण का कार्य कराया जाएगा।
महेश कुमार, आईडब्लू, रेलवे, कन्नौज
पैचिंग के बाद नहीं कराया समतलीकरण
-रेलवे की क्रासिंगों पर हादसाें की संभावना बढ़ी
-अधिकारियों ने ठेकेदारों के सिर फोड़ा ठीकरा