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आठ गांवों में बनेंगे अन्ना गो आश्रय व चारागाह

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अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। अन्ना प्रथा पर रोक लगाने के लिए प्रशासन स्तर पर की जा रही कवायदों में जनपद के आठ गांवों में ‘अन्ना गो आश्रय व चारागाह’ स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए ग्राम संचित कोष से 40 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। अन्य गांवों में भी इनकी स्थापना के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। डीएम ने दावा किया है कि गांधी जयंती (दो अक्तूबर) तक अन्ना प्रथा में अप्रत्याशित बदलाव नजर आएगा।


शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने अन्ना प्रथा से जनपद को छुटकारा दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर की जा रही कवायदों से मीडिया को अवगत कराया। बताया कि पैलानी तहसील के खप्टिहाकलां गांव में 11 हेक्टेयर जमीन गो आश्रय व चारागाह के लिए अधिग्रहीत कर 12 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
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नरैनी तहसील के घूरी गांव में 4 हेक्टेयर जमीन पर गोशाला बनेगी। यहां 7.5 लाख रुपये दिए गए हैं। बबेरू तहसील के रयान गांव में 2.5 हेक्टेयर भूमि पर गोशाला स्थापना को 5 लाख और कौहारा में 3 हेक्टेयर भूमि में बनने वाले गोशाला के लिए 4 लाख रुपये मंदूर हुए हैं। सदर तहसील के लामा गांव में 5 हेक्टेयर भूमि पर और अतर्रा तहसील के महुटा गांव में 1.5 हेक्टेयर में गोशाला व चारागाह बनेगी।


इनके लिए क्रमश 8 लाख व 90 हजार रुपये जारी किए गए हैं। बसहरी (मटौंध) गांव में भी अन्ना मवेशियों को रखने के लिए 14 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। प्रस्ताव दो दिन में मिल जाएगा। फौरन ही पैसा स्वीकृत कर दिया जाएगा। डीएम ने बताया कि गोशाला के लिए वही स्थल चुने गए हैं जहां पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। अन्ना गो आश्रय माडल के रूप में विकसित किए जाएंगे। इनके बाद ग्राम स्तर पर गोशालाएं बनाने पर काम होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आश्रयों की निगरानी के लिए समिति गठित होगी। इसमें प्रधान, पूर्व प्रधान, लेखपाल, सचिव व संबंधित थाने के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।


यह भी बताया कि सांड़ी (पैलानी) गांव में सांसद निधि से बनाई गई गोशाला में 150 अन्ना मवेशी हैं। साथ ही डीएम ने बच्चों के टीकाकरण से संबंधित इंद्रधनुष मिशन और 12 सितंबर से स्कूल-कालेजों में ‘स्वच्छ संकल्प से स्वच्छ सिद्धि’ के तहत निबंध व फिल्म प्रतियोगिता के बारे में भी जानकारी दी। प्रेस वार्ता में एडीएम (न्यायिक) दिवाकर सिंह, सीएमओ डा.संतोष कुमार, एसडीएम सदर सुरेंद्र प्रसाद यादव, प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद, सूचना अधिकारी रुपेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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डीएम ने बताया कि गो आश्रय में गायों का मूत्र इकट्ठा कर दक्षिण भारत की एक कंपनी को बेचा जाएगा। इसकी बातचीत चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अन्ना पशु मालिकों से सख्ती से निपटा जाएगा। गो आश्रय में बंद अन्ना पशुओं के मालिक से एक हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। अगर अन्ना पशु दुधारू गाय हुई तो जुर्माना दो हजार लगेगा। दोबारा अन्ना पशु मिलने पर पशु मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा।

-ग्राम संचित कोष से 40 लाख रुपये मंजूर
-2 अक्तूबर तक अन्ना प्रथा पर लगेगी लगाम
-डीएम ने बताई प्रशासन स्तर की योजनाएं
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