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खुशखबरी: पहले एक रुपये में बांटी थी ऑक्सीजन अब सौ करोड़ से कई जिलों काे फिर देंगे सांसों की सौगात

Fri, 21 May 2021 02:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कोरोना काल में एक रूपये में ऑक्सीजन सिलिंडर भरकर लोगों की मदद करने वाले कानपुर के एक इस्पात उद्यमी अब हमीरपुर में सौ करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना करने जा रहे हैं। 
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ऑक्सीजन प्लांट - फोटो : social media
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विस्तार
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कानपुर के इस्पात उद्यमी हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर में सौ करोड़ रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना करने जा रहे हैं। शासन की नई गाइड लाइन के मुताबिक प्रस्ताव तैयार है। जल्द ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्लांट की स्थापना से कानपुर समेत आसपास के दर्जन भर जिलों में ऑक्सीजन का संकट खत्म हो जाएगा। जब ऑक्सीजन की किल्लत थी तो इसी इस्पात उद्यमी ने एक रुपये में ऑक्सीजन सिलिंडर भरकर लोगों की मदद की थी।
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अभी कानपुर में सिर्फ चार प्लांट हैं, जिनकी क्षमता बहुत कम है। कोरोना संकट के समय में ये प्लांट जरूरत के मुताबिक आपूर्ति नहीं कर सके थे। उद्यमी योगेश अग्रवाल की भरुआ सुमेरपुर में इस्पात इकाई है। इसके संचालन के लिए ही इन्होंने एक छोटा ऑक्सीजन प्लांट लगाया था।

कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीनज की किल्लत हुई तो फैक्टरी का उत्पादन ठप कर औद्योगिक ऑक्सीजन की आपूर्ति अस्पतालों में शुरू कर दी। पहले रोजाना 1000 सिलिंडर ही भर पाते थे। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के प्रयासों से बाद में इनके प्लांट की क्षमता तीन से चार हजार सिलिंडर प्रतिदिन हो गई है। संकट की घड़ी में योगेश अग्रवाल ऑक्सीजन से भरा सिलिंडर मात्र एक रुपये में देते रहे।
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जब मौतों ने उड़ा दी थी नींद
योगेश अग्रवाल बताते हैं कि बीते दिनों कानपुर और आसपास के जिलों में ऑक्सीजन की किल्लत से इतनी मौतें हुईं कि उन्हें चैन की नींद नहीं आती थी। इसी वजह से अब ऑक्सीजन के क्षेत्र में निवेश की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में ऐसा संकट कानपुर या आसपास के जिलों को न झेलना पड़े।

वे बताते हैं कि प्लांट की स्थापना में कम से कम छह माह लगेंगे। तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। देखना यह है कि पूरा प्लांट एक जगह लग पाएगा या उसे दो हिस्सों में बांटना पड़ेगा। इसके लिए उपलब्ध स्थान का आकलन प्लांट लगाने वाली टीम कर रही है। इसमें इंडस्ट्रियल और मेडिकल दोनों तरह की ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाएगा। 

कानपुर के साथ अन्य जिलों में भी घटी ऑक्सीजन की मांग
शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या घटने और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से जीवनरेखा एक्सप्रेस के जरिये लगातार आपूर्ति होने से यहां ऑक्सीजन की मांग में काफी कमी आई है। 15 दिन पहले तक रिमझिम इस्पात के भरुआ सुमेरपुर स्थित प्लांट से शहर में रोजाना 2000 सिलिंडर आ रहे थे।

अब यह संख्या घटकर 100-200 रह गई है। यही स्थिति अन्य जिलों की भी है। हर जगह से मांग कम होने से प्लांट में उत्पादन भी कम कर दिया गया है। अब रोजाना 12 से 15 सौ सिलिंडर ही भरे जा रहे हैं। जरूरत के समय उद्यमी ने आननफानन 4000 सिलिंडर उत्पादन की व्यवस्था कर ली थी।
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