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Auraiya: छत का खेल बना 'मौत का झूला'; 10 वर्ष की छात्रा के गले में कसा साड़ी का फंदा, गांव में पसरा मातम

Thu, 28 May 2026 03:13 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Auraiya News: अछल्दा कस्बे के नहर बाजार में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। छात्रा छत पर कमरे के दरवाजे की कुंडी में साड़ी का झूला बनाकर झूल रही थी। इसी दौरान साड़ी का फंदा अचानक उसके गले में कस गया, जिससे उसकी जान चली गई।
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जांच करते पुलिस के अधिकारी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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नहर बाजार में गुरुवार दोपहर खेल-खेल में एक मासूम बच्ची की जान चली गई। छत पर कमरे के दरवाजे की कुंडी में साड़ी का झूला बनाकर झूल रही 10 वर्ष की मासूम छात्रा के गले में अचानक फंदा कस गया। जब तक कोई उसे बचा पाता, मासूम की तड़पकर मौत हो गई। इस रूह कंपा देने वाले हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

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बाजार गई थी मां, बड़ी बहन ने छत पर देखा खौफनाक मंजर

नहर बाजार निवासी स्वर्गीय रामू सक्सेना की 10 वर्षीय पुत्री जया देहाती इंटर कॉलेज में कक्षा 6 की छात्रा थी। गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह मकान की छत पर खेल रही थी। खेलते-खेलते उसने छत पर बने कमरे के दरवाजे की कुंडी में एक साड़ी बांधी और उसका झूला बनाकर झूलने लगी। इसी दौरान झूला झूलते समय अचानक साड़ी का एक सिरा घूमकर उसके गले में कस गया।

फंदा इतनी तेजी से लगा कि मासूम को संभलने का मौका नहीं मिला और वह मौके पर ही अचेत हो गई। कुछ देर बाद जब उसकी बड़ी बहन मानवी किसी काम से छत पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर उसकी चीख निकल गई। जया फंदे से लटकी हुई थी। मानवी के शोर मचाने पर दौड़े आसपास के पड़ोसी तुरंत छत पर पहुंचे और आनन-फानन में बच्ची को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक मासूम जया की सांसें थम चुकी थीं।

कोरोना काल में खोया था पति, अब इकलौती लाडली भी नहीं रही

इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। परिजनों के मुताबिक, मृतका जया के पिता रामू सक्सेना का वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान निधन हो गया था। पति की मौत के बाद दुखों से घिरी मां गीता देवी मकान के नीचे ही एक छोटी सी परचून (किराना) की दुकान चलाकर किसी तरह अपने बच्चों का पेट पाल रही हैं।

गुरुवार को गीता देवी दुकान का सामान खरीदने के लिए स्थानीय बाजार गई हुई थीं और घर पर दोनों बहनें अकेली थीं (जबकि छोटा भाई सिद्धार्थ अपनी नानी के घर एटा में रहकर कक्षा 1 की पढ़ाई कर रहा है)। बाजार से लौटते ही जैसे ही बदहवास मां ने अपनी लाडली बेटी का बेजान शरीर देखा, वह चीख मारकर मौके पर ही बेहोश हो गई। मां और बड़ी बहन मानवी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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मौके पर पहुंची पुलिस, मोहल्ले में पसरा सन्नाटा

इस दर्दनाक हादसे की भनक लगते ही अछल्दा थाना प्रभारी सुरेश चंद्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। प्रभारी थानाध्यक्ष के अनुसार साड़ी का फंदा गले में फंसने के कारण बच्ची की दुखद मौत हुई है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।

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