कानपुर। मामूली विवाद में 22 वर्षीय बबलू के चेहरे पर तेजाब डालकर झुलसा देने वाले 62 वर्षीय वृद्ध को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई। उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लागया।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एसिड फेंकना एक अत्यंत हिंसक अपराध है जिसके लिए रहम नहीं की जा सकती। छावनी के मैकूपुरवा निवासी बबलू का मोहल्ले के ही रिंकू से झगड़ा हो गया था। नौ जनवरी 2023 को बबलू मोहल्ले में खड़ा था तभी रिंकू अपने पिता महेश के साथ आया। जेब से तेजाब की बोतल निकालकर बबलू के चेहरे पर फेंककर उसे झुलसा दिया।
बाप-बेटा दोनों भाग निकले थे। बबलू की मां शांति ने छावनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट महेश को दोषी मानकर सजा सुनाई हालांकि रिंकू को पर्याप्त साक्ष्य न होने के आधार पर बरी कर दिया। संवाद