कानपुर में नशे के कारोबार से लेकर जुआ-सट्टा करवाकर वसूली करने वाली भ्रष्ट स्वाट टीम को डीआईजी ने गुरुवार को भंग कर दिया। टीम के प्रभारी समेत सभी 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।
डीजीपी से हुई गोपनीय शिकायत के बाद डीआईजी ने कार्रवाई की है। एसपी क्राइम इन सभी पुलिसकर्मियों की जांच कर रहे हैं। कुछ दिन पहले डीजीपी को एक गोपनीय शिकायती पत्र भेजा गया था जिसमें स्वाट टीम पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
कहा गया था कि टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार यादव और अन्य पुलिसकर्मी देवी यादव, विनय कुमार यादव, प्रभात कुमार यादव, गोविंद यादव, धर्मेंद्र यादव, विष्णु पाल, राहुल पांडेय, मो. शमशाद, दरोगा मो. आसिफ शहर में वसूली करते हैं।
जुआ-सट्टा और नशे का कारोबार इन्हीं के संरक्षण में हो रहा है जिसके एवज में मोटी रकम वसूलते हैं। डरा-धमका कर भी लोगों से वसूली करते हैं। ड्रग्स तस्कर सुशील बच्चा से भी संबंध हैं।