फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दूसरे दिन दौड़ीं 10 मालगाड़ियां, भाऊपुर के बाद मेन लाइन से ही जाएंगी गाड़ियां

Thu, 31 Dec 2020 09:40 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
कानपुर के भाऊपुर से खुर्जा तक शुरू हुए डेडिकेटेट फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) से दूसरे दिन बुधवार को 10 मालगाड़ियों का आवागमन हुआ। पांच गाड़ियां इधर से गईं और पांच गाड़ियां उधर से आईं। कुछ मालगाड़ियां 116 वैगन तो कुछ इससे कम की रहीं। यह फ्रेट कॉरिडोर कहीं भी प्रदेश की राजधानी लखनऊ को कनेक्ट नहीं करता है।
विज्ञापन


ऐसे में खुर्जा की ओर से चलीं जिन मालगाड़ियां को लखनऊ या इससे आगे जाना होगा, वे भाऊपुर से मेन लाइन पर आ जाएंगी। इसके बाद सेंट्रल स्टेशन से होकर लखनऊ की ओर जाएंगी। यूं तो कानपुर से होकर गुजरने वाली करीब 80 फीसदी मालगाड़ियों का रूट लखनऊ नहीं होता है, लेकिन 20 फीसदी मालगाड़ियां लखनऊ रूट पर जाती हैं। 

 
विज्ञापन

प्रयागराज की ओर जाने वाली गाड़ियां भाऊपर के बाद मेन लाइन पर ही
अभी डीएफसी दिल्ली रूट के समानांतर खुर्जा से भाऊपुर तक ही चालू हुआ है। ऐसे में प्रयागराज जाने वाली मालगाड़ियां कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन से जूही यार्ड, चंदारी, सुजातगंज, होते हुए चलेंगी।

दिसंबर 2021 में जब भाऊपुर से प्रयागराज केे सुजातपुर स्टेशन तक डीएफसी बन जाएगा तो मालगाड़ियां मेन लाइन पर नहीं आएंगी। वहीं, दिल्ली से खुर्जा तक मालगाड़ियां मेन रेल लाइन पर ही आएंगी। इसके बाद डीएफसी पर शिफ्ट होंगी। मार्च-2021 में न्यू खुर्जा से दादरी तक डीएफसी के पूरा होने से मेन लाइन पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।

डीएफसी का ट्रैक मेन रेल लाइन से ज्यादा क्षमता का है, क्योंकि इसमें डेढ़ किलोमीटर तक लंबी मालगाड़ी को रोककर लूप लाइन से दूसरी लंबी मालगाड़ी गुजारी जा सकती है। मुख्य रेल लाइन में कुछ ही स्टेशन ऐसे हैं, इसलिए उसमें लंबी मालगाड़ियां नहीं चल पाती हैं।
बृजेश स्मिथ, सहायक परियोजना प्रबंधक, डीएफसी न्यू भाऊपुर

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें