जितेंद्रदास ने कानपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर बताया कि जो दानपात्र मंदिर के गर्भ गृह में रखा है। वह दिसंबर 2020 से नहीं खोला गया है। इस कारण उसके नोट बाहर गिरने लगे हैं। उन्हीं रुपये को निकालकर उन्होंने दूसरे दानपात्र में डाले थे और कृष्णदास ने चोरी का आरोप लगा दिया।
कानपुर में पनकी मंदिर के दानपात्र से रुपये निकालने का आरोप लगाने वाले महंत कृष्णदास महाराज के खिलाफ जितेंद्रदास ने 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। शनिवार को जितेंद्रदास ने कानपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर बताया कि जो दानपात्र मंदिर के गर्भ गृह में रखा है। वह दिसंबर 2020 से नहीं खोला गया है। इस कारण उसके नोट बाहर गिरने लगे हैं। उन्हीं रुपये को निकालकर उन्होंने दूसरे दानपात्र में डाले थे और कृष्णदास ने चोरी का आरोप लगा दिया। इससे उनके मान-सम्मान को चोट पहुंची है। उन्होंने बताया कि मई 2020 को रमाकांत महाराज का निधन हो गया था। इसके बाद बालक दास, सुरेश दास व कृष्णदास तीनों महंत होने का दावा कर रहे हैं। इस विवाद के चलते ही उनसे रंजिश मानते हैं।
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जितेंद्रदास पर कार्रवाई न होने पर अनशन की धमकी
महंत जितेंद्रदास पर अभी तक कार्रवाई न होने से नाराज महंत कृष्णदास ने अनशन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि चार जुलाई तक कार्रवाई नहीं होती है तो पांच से मंदिर के गेट नंबर एक पर प्रतिदिन संगठनों के साथ अनशन किया जाएगा। कृष्णदास का कहना है कि सबूत होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। शनिवार को पनकी स्थित एक गेस्ट हाउस में हुई बैठक में शामिल विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने कहा कि इस लड़ाई में वे कृष्णदास के साथ हैं। बैठक में अवध बिहारी मिश्रा, अरुण पुरी चैतन्य महाराज, गोरेलाल राजपूत, संतराम द्विवेदी, शैलेंद्र त्रिपाठी, मनोज शुक्ला, आशुतोष गिरी, मिथिलेश गुप्ता, राहुल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।