कानपुर देहात। प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना के तहत जिले में 10 नए वन शॉप स्टाफ खोले जाएंगे। इनमें सात ग्रामीण और तीन शहरी क्षेत्रों में खुलेंगे। इन केंद्रों का संचालन कर कृषि स्नातक उत्तीर्ण युवा स्वावलंबी बन सकेंगे।
उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव ने बताया कि यह योजना कृषि स्नातकों और संबंधित क्षेत्र के डिग्रीधारियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी। कुल लागत 4.22 लाख रुपये है, इसमें 3.50 लाख रुपये बैंक ऋण और 72, 000 रुपये (परियोजना लागत का 17 फीसदी) आवेदक का योगदान होगा। विभाग 3.50 लाख रुपये के ऋण पर 42, 000 रुपये का अग्रिम ब्याज अनुदान तीन साल के लिए देगा। पहले साल के लिए 2000 रुपये प्रति माह की दर से 24, 000 रुपये परिसर किराया और निवेशों पर लाइसेंस निशुल्क मिलेंगे।
चयन जिला स्तरीय समिति करेगी और चयनित आवेदकों को आरसेटी आलमचंद्रपुर की ओर से कम से कम 13 दिन का ग्रामीण व्यवसाय विकास योजना (आरईडीपी) प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन, उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशु चिकित्सा या मुर्गी पालन में आईसीएआर/यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से डिग्रीधारी पात्र हैं। इच्छुक युवा 30 मई तक upagriculture.up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद सभी दस्तावेजों की छायाप्रति संबंधित कार्यालय में जमा करनी होगी।