तिर्वा। दुकान पर काम करने आए युवक की अचानक हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर लगते ही ंपरिजनों में चीख-पुकार मच गई।
फर्रुखाबाद के आईटीआई चौराहा निवासी शंकर पुत्र महावीर के माता पिता की तीन साल पूर्व मौत हो गई थी। उसके दो भाई महेंद्र व विक्की थे। वह फर्रुखाबाद में रहते थे। करीब 8 साल से वह घर से बाहर रहकर काम करता था। इससे मिली मजदूरी से वह अपना भरण पोषण करता था। कस्बे के एक फर्नीचर हाउस पर वह दो दिन पहले काम करने आया हुआ था। रविवार की सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। दुकान स्वामी ने आनन-फानन मे उसे मेडिकल कालेज मे भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दुकान स्वामी ने मौत की सूचना उसके भाईयाें को दी। मृतक के भाइयों ने बताया कि करीब आठ साल से वह घर पर नहीं रहता था। इधर-उधर काम करता था। घर से कुछ भी मतलब नहीं रखता था। उसकी तबीयत खराब रहती थी। मेडिकल कालेज की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।